Ek Duuje Ke Liye – तेरे मेरे बीच में, कैसा है ये बंधन

अपने जीवन में सभी ने कभी न कभी एक बार मोहब्बत तो जरूर की होगी।  वो दीवानगी और वो घंटों तक इंतज़ार करना।  अपनी मोहब्बत को पाने की चाह  में कुछ भी कर गुजरना, चाहे वो न मिले मगर वो अहसास आज भी एक मुस्कराहट ले आता है।

   इसी तरह की एक मोहब्बत फिल्म में भी बयां की गयी है , एक दूजे के लिए ( Made for Each other) . जिसने मोहब्बत की अपनी हर हद तक, ना  कोई बंदिशें , ना ही कोई और चाहत, ना ही उनकी मोहब्बत को रोक पाया ये जहान  ना ही मौत।  एक दूजे के लिए  1981  में रिलीज़ हुयी एक प्रेम कहानी है और इसका निर्देशन बालाचंदर द्वारा किया गया है।

Story – फिल्म की कहानी शुरू होती है गोवा से, दो पडोसी एक तमिल परिवार से और दूसरा नॉर्थ इंडिया से। दोनों परिवार एक दूसरे को पसंद नहीं करते और हमेशा ही एक दूसरे को  नीचा दिखाने की कोशिश करते रहते हैं।  तमिल परिवार का बेटा वासु और नॉर्थ  इंडिया परिवार की  बेटी सपना  एक दूसरे से प्रेम करने लगते हैं।  यह बात जब उनके परिवारों को पता चलती है तो वो उन दोनों को अलग करने की बहुत कोशिश करते हैं मगर कामयाबी नहीं मिलती। 

फिर परिवार वाले वासु और सपना के सामने एक शर्त रखते हैं कि एक साल तक वो अलग रहेंगे, एक दूसरे से कोई संपर्क भी नहीं रखेंगे और एक साल के बाद भी वो एक दूसरे से इतना ही प्रेम करते रहे तो वह सभी उन दोनों की शादी करवा देंगे।  दोनों यह बात मान जाते हैं इसके बाद वासु हैदराबाद चला जाता है, जहाँ पर उसकी मुलाकात एक विधवा संध्या से होती है, जो उसको हिंदी बोलना सिखाती है।   

वहीँ दूसरी तरफ सपना दिन – रात वासु को याद करके दुखी होती रहती है।और  उधर सपना की माँ वासु से उसका ध्यान हटाने के लिए अपने परिवार के एक मित्र के बेटे चक्रम को लेकर आती है मगर सपना को इससे कोई फर्क ही नहीं पड़ता, वह तो सिर्फ वासु की यादों में ही रहती है।  किसी काम से चक्रम को हैदराबाद जाना पड़ता है और वह वहां वासु से मिलता है और उसको बताता है कि सपना और वो बहुत जल्द शादी करने वाले हैं।


 यह बात सुनकर वासु टूट जाता है और जल्दबाज़ी में संध्या से शादी करने का फैसला ले लेता है।  संध्या वासु और सपना की मोहब्बत के बारे में सब कुछ जानती है, उसको वासु का लिया गया यह फैसला सही नहीं लगता और वो दोनों की गलतफहमी दूर करने के लिए गोवा आती है। वासु भी गोवा आ जाता है और सपना से मिलने की कोशिश करता है।  सपना  का भाई और उसके गुंडे बीच रास्ते  में वासु को पकड़कर उसको मारने  की कोशिश करते हैं।

  इसी बीच लाइब्रेरी का अध्यक्ष सपना का बलात्कार करके उसको वहीँ छोड़ जाता है।  सपना और वासु फिर मिलते हैं उन्ही पहाड़ियों के बीच, जहाँ से उनकी मोहब्बत शुरू हुयी थी मगर आज उन्ही पहाड़ियों के बीच उनके दिलों में जिंदगी और इस दुनिया  के लिए कुछ भी नहीं है और सिर्फ अपनी मोहब्बत के लिए वो चट्टान से कूदकर अपनी जान दे देते हैं।

  कितना आसान होता है जान देना और उतना ही मुश्किल होता है अपनी मोहब्बत के बिना जीना।

Songs & Cast –  इस फिल्म के सभी गाने  सदाबहार रहे हैं , आज भी यह अलग और नया सा अहसास देते हैं  – हम बने तुम बने एक दूजे के लिए  …….. सोलह बरस की बाली उम्र को सलाम  ……… मेरे जीवन साथी  ……. हम तुम दोनों जब , ऐसे ही कुछ गाने जिन्हे S. P. Balasubrahmanyam ने अपनी मधुर स्वर से गाये हैं और इसी फिल्म से  Balasubrahmanyam की शुरुवात हिंदी फिल्म सिनेमा में हुयी थी।

रति अग्निहोत्री ने इस फिल्म से अपने फ़िल्मी करियर का आगाज़ किया था और कमल हासन ने तमिल सिनेमा में अपनी पहचान बनाकर इस फिल्म से हिंदी सिनेमा में अपनी एंट्री की।  यह फिल्म कई कलाकारों की पहली फिल्म थी मगर फिर भी सभी ने इतनी सहजता से फिल्म में अपने केरेक्टर को निभाया है कि देखते ही बनता है।

Location – इस फिल्म की शूटिंग गोवा और विशाखापट्नम के कई खूबसूरत लोकेशंस पर हुयी है, जैसे St.Augustine’s Tower, Arvalem Waterfalls, Mayem Lake, Dona Paula  and Arjuna Beach गोवा।  इसके अलावा विशाखापट्नम के  Gangavaram beach and Erra Matti Dibbalu आदि जगहों पर फिल्म को दर्शाया गया है।  

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