Purab Aur Paschim – विचारों में विभिन्नता का परिवेश

सिनेमा जगत की एक ऐसी फिल्म जिसने फिल्म के जरिये भारतीय संस्कृति को एक अलग पहचान देने की कोशिश की है। हम इंसान चाहे एक ही जैसे क्यों ना हो , मगर हमारी संस्कृति की भिन्नता ही हमें अलग पहचान  देती है।  

  पूरब और पश्चिम एक ऐसी ही फिल्म है जिसमे दो अलग – अलग संस्कृतियों समावेश दिखाया गया है।  यह फिल्म 1970 में रिलीज़ हुयी जिसका निर्देशन  मनोज कुमार ने स्वयं किया था।

Story –  फिल्म की कहानी शुरू होती है 1942 से जब भारत अपनी आज़ादी की जंग लड़ रहा था।  भारत में हरनाम जो कि ब्रिटिश सल्तनत का एक गुलाम है और ब्रिटिश सरकार उसको एक स्वतंत्रता सेनानी को धोखा देने के लिए पुरुस्कार देती है और वह स्वतंत्रता सेनानी मारा जाता है ब्रिटिश सल्तनत द्वारा।

    कुछ समय पश्चात 1947 में हिंदुस्तान आज़ाद हो जाता है।  धीरे -धीरे समय बीतता जाता है और उस स्वतंत्रता सेनानी का बेटा (भारत) बड़ा हो जाता है और अपनी आगे की पढ़ाई करने के लिए वह लंदन जाता है।  वहां वह अपने पिता के कॉलेज के दोस्त शर्मा से मिलता है।

 शर्मा के परिवार में वेस्टर्न तौर – तरीकों वाली उनकी पत्नी, एक बेटी ( प्रीति ) और एक बेटा (शंकर) है।  प्रीति के जरिये भारत को यह जानने को मिलता है कि लंदन में कई ऐसे भारतीय हैं जो भारतीय होने पर शर्मिंदा हैं क्योकि उन्हें सिर्फ एक ही पहलू पता है हिंदुस्तान का, कि देश बहुत गरीब है। भारत को बहुत दुःख होता है और वह उन्हें दूसरा पहलू दिखाने और उनकी सोच को एक नयी दिशा देने का प्रण लेता है।

      प्रीति भारत के आदर्शों से इतनी प्रभावित होती है कि उससे मोहब्बत करने लगती है। धीरे – धीरे भारत अपने आदर्शों से सभी को प्रभावित करता है और उनके विचारों में हिंदुस्तान की एक नयी तस्वीर को स्थापित करता है जिससे भारतियों के साथ – साथ कई विदेशी नागरिक भी हिंदुस्तानी संस्कृति से प्रभावित होते हैं।

   प्रीति भारत से शादी तो करना चाहती है पर वह हिंदुस्तान नहीं जाना चाहती , फिर भारत के समझाने पर वह हिंदुस्तान आ जाती है और यहाँ आकर उसको सभी रीति – रिवाज़ और संस्कृति इतनी अच्छी लगती है कि वह इसको पूर्ण रूप से अपना लेती है।

Songs & Cast –  इस फिल्म के गाने आज तक भी गुनगुनाये जाते हैं –  ” Bharat ka Rahanewala hoon” , ” Raghupati Raghav Raja Ram”, ” Om Jai jagdish Hare”, ” Dulhan Chali”, Twinkle Twinkle Little star”,  आदि अन्य आप सभी के सुने हुए गाने हैं।  बेहद खूबसूरत तरीके से हर गाने को आशा भोसले , महेंद्र कपूर , लता मंगेशकर और ब्रिज भूषण ने मोतियों टी तरह फिल्म में पिरोया है।

मनोज कुमार की अदाकारी ने इस फिल्म के जरिये एक अलग ही मुकाम हासिल किया था और उनका साथ सायरा बानो, प्राण , अशोक कुमार, निरुपा रॉय और प्रेम चोपड़ा ने दिया।

Location – इस फिल्म की शूटिंग भारत के आलावा कई और देशों में भी हुयी है जैसे –  London, Paris, Germany, Varanasi and Allahabad. 

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