कागज़ के फूल (1959): जब एक मास्टरपीस ने अपने ही निर्देशक की रूह तोड़ दी — फ़्लॉप से कल्ट क्लासिक बनने की दास्तान
सिनेमा का इतिहास हमेशा उन कहानियों से भरा नहीं होता जो बॉक्स ऑफिस पर करोड़ों बटोरती हैं। कई बार इतिहास…
Movie Reviews – Connect to Life
सिनेमा का इतिहास हमेशा उन कहानियों से भरा नहीं होता जो बॉक्स ऑफिस पर करोड़ों बटोरती हैं। कई बार इतिहास…
साल 1942 था। हॉलीवुड में हेनरी फोंडा का नाम बड़े पोस्टरों पर सबसे ऊपर छपता था। उन्होंने द ग्रेप्स ऑफ़…
अप्रैल 1945 का जापान आज की कल्पना से बहुत अलग था। टोक्यो पर बम गिर रहे थे, शहरों में राशन…
अगर आप कुछ साल पीछे मुड़कर देखें, तो भारतीय दर्शकों के मनोरंजन का मतलब मुख्य रूप से बॉलीवुड की फ़िल्में,…
भारत में सिनेमा सिर्फ तीन घंटे के मनोरंजन का साधन नहीं है; यह एक भावना है, एक उत्सव है, और…
कभी-कभी ऐसा होता है कि फिल्म ख़त्म हो जाती है, स्क्रीन पर नाम आने लगते हैं, और आप अपनी जगह…
शादी का पंडाल है। रात के ग्यारह बज चुके हैं और ज़्यादातर मेहमान थककर कुर्सियों में धँस गए हैं। तभी…
सोचिए, साल है 1909, न्यूयॉर्क के एक तंग कमरे में कुछ लोग चुपचाप एक कैमरा सँभाले खड़े हैं। खिड़कियाँ बंद…
पाँच साल का एक बच्चा अपनी माँ को किसी अजनबी के साथ देखता है, और घर में एक नया आदमी…
28 सितंबर को ठीक 97 साल पहले, 1929 में, इंदौर के एक मराठी परिवार में एक बच्ची पैदा हुई थी।…
कल्पना कीजिए एक अंधेरा थिएटर है। पर्दे पर कोई विदेशी फिल्म चल रही है, जिसमें एक भी संवाद बोला नहीं…
कोरियाई सिनेमा की बात करें तो ज़्यादातर लोगों के ज़हन में Parasite, Squid Game जैसी हालिया कामयाबियां आती हैं। मगर…
कुछ चीज़ें होती हैं जो शब्दों के बिना भी सब कुछ कह देती हैं। एक माँ का चेहरा जब उसका…
मैंने यह फ़िल्म रात के ग्यारह बजे देखी थी। अगले दिन सुबह उठा, चाय बनाई, खिड़की के बाहर देखा —…
1943 की गर्मियों में Manila के एक film set पर कुछ ऐसा हो रहा था जो सिनेमा के इतिहास में…
1919 की एक दोपहर, Los Angeles में路 Pathé Exchange की building में एक photo shoot चल रहा था। हैरोल्ड लॉयड…
कुछ ज़िन्दगियाँ इतनी अजीब होती हैं कि लगता है जैसे किसी ने पहले से पटकथा लिख रखी हो। Yoon Jeong-hee…
4 अप्रैल 1970. Hyderabad के एक सिनेमाघर में पर्दा उठा और Baghdad की गलियाँ Telugu में बोलने लगीं। एक लकड़हारा…
एक नाम याद कीजिए — Alfred Hitchcock. Suspense का बादशाह। Thriller का पर्याय। जब भी British Cinema की बात होती…
कभी-कभी कोई चीज़ इतनी अजीब और इतनी ख़ूबसूरत होती है कि उसे सुनकर ही दिल करता है — रुको, ज़रा…