उदय, संघर्ष और पुनर्जन्म — गुजराती सिनेमा की पूरी कहानी एक लेख में
गुजरात का नाम लेते ही ज़ेहन में क्या आता है? गरबा, व्यापार, ढोकला, और शायद बॉलीवुड के कुछ बड़े नाम…
Movie Reviews – Connect to Life
गुजरात का नाम लेते ही ज़ेहन में क्या आता है? गरबा, व्यापार, ढोकला, और शायद बॉलीवुड के कुछ बड़े नाम…
एक बात सोचिए। 1910 का साल है। एक फिल्मकार सुबह उठता है, आसमान की तरफ देखता है, और तय करता…
19 फरवरी 1911 को बॉम्बे में एक बच्ची पैदा हुई। उसी साल इंग्लैंड की रानी मैरी और किंग जॉर्ज पंचम…
1913 से 1931 के बीच एक पूरी दुनिया बनी थी — जिसे इतिहास ने सिर्फ एक नाम देकर भुला दिया…
जब सिनेमा बनाना एक जुनून था, पेशा नहीं — और हर फ्रेम के पीछे थी एक पूरी जंग मेरे एक…
मुंबई, 1931, रात के दो बज रहे हैं। जयोती स्टूडियो के अंदर रोशनी अभी भी जल रही है। कैमरा लगा…
मॉस्को, 1922। थिएटर की सीटें खचाखच भरी हैं। पर्दा उठता है। मंच पर सजावट के नाम पर कुछ नहीं —…
कभी-कभी एक फिल्म देखते वक्त लगता है कि ये सिर्फ किस्सा नहीं है, बल्कि एक सवाल है जो सीधा आपके…
बात करें 1930 के दशक की, तो सिनेमा का पूरा नशा स्क्रीन पर था। हीरो था, हीरोइन थी, खलनायक था,…
कुछ हफ्ते पहले की बात है। मैं बेवजह इंटरनेट पर भटक रहा था — वो वाला भटकना जब नींद नहीं…
सन 1935, ब्रिटिश सिनेमा अपने पैर जमाने की कोशिश कर रहा था, और हॉलीवुड का जादू दुनिया भर पर छाया…
कल रात की बात है। मेरे एक दोस्त ने, जो खुद को ‘जेन-ज़ी सिनेफाइल’ कहता है, मुझसे पूछा, “यार तुम…
क्या आपने कभी सोचा है कि एक ऐसी धुंध (fog) जो लंदन की सड़कों को सफेद चादर से ढक देती…
सिनेमा के इतिहास में ऐसी फिल्में बहुत कम बनी हैं जिन्होंने न सिर्फ मनोरंजन किया, बल्कि एक पूरे युग को…
भारतीय सिनेमा का इतिहास जब भी लिखा जाता है, उसमें एक नाम अक्सर धुंधला सा रह जाता है। एक ऐसा…
वह समय जब फिल्में बोलती नहीं, दिलों में उतर जाती थीं कई साल से मैं क्लासिक सिनेमा पर लिख रहा…
युमेको आइज़ोमे 1930 के दशक की उन जापानी अभिनेत्रियों में थीं जिनका चेहरा मूक फ़िल्मों के आख़िरी वर्षों और बोलती…
साइलेंट फिल्मों का युग (1890s-1920s) विजुअल इफेक्ट्स का स्वर्णिम काल था, लेकिन एक ऐसा काल जिसे इतिहास ने अक्सर ‘आदिम’…
ज़्यादातर फिल्म रिव्यू इस सवाल से शुरू होते हैं कि “फिल्म कैसी लगी?”—लेकिन Yang Naiwu and Xiao Baicai (1930) के केस में…
एक पुराने, धूल भरे स्टोररूम की कल्पना कीजिए। हवा में प्रोजेक्टर के बल्ब की गंध और पुराने सेल्युलॉइड की महक।…