“क्या आपने वो फ़िल्म देखी है जिसने आज़ाद कोरिया के पहले सपने को परदे पर उतारा? — Viva Freedom! (1946) रिव्यू”
वो एक लम्हा जब कोरिया ने पहली बार खुलकर सांस ली कल्पना कीजिए — 35 साल की गुलामी। 35 साल…
Movie Reviews – Connect to Life
वो एक लम्हा जब कोरिया ने पहली बार खुलकर सांस ली कल्पना कीजिए — 35 साल की गुलामी। 35 साल…
कल रात की बात है। मेरे एक दोस्त ने, जो खुद को ‘जेन-ज़ी सिनेफाइल’ कहता है, मुझसे पूछा, “यार तुम…
क्या हो अगर आप नशे में धुत होकर एकदम सही हत्या की साजिश रच दें, और अगली सुबह उठें तो…
सिनेमा के इतिहास में ऐसी फिल्में बहुत कम बनी हैं जिन्होंने न सिर्फ मनोरंजन किया, बल्कि एक पूरे युग को…
फिल्में अक्सर हमें एक अलग दुनिया में ले जाती हैं – रोमांच, फंतासी, या शानदार जीवन की दुनिया में। लेकिन…
आज से करीब बीस-पच्चीस साल पहले की बात है। मुंबई के एक पुराने फिल्म आर्काइव में गहरी धूल दिख रही…
आपने कभी गौर किया है कि कुछ चेहरे सिनेमा के पर्दे पर आते ही दर्शकों के चेहरे पर एक मुस्कान,…
क्लासिक भारतीय फिल्मों पर वर्षों से रिसर्च‑बेस्ड रिव्यू लिखते हुए “Raj Nartaki (1940)” हमेशा उन टाइटल्स में गिना गया है,…
1930 के दशक में शंघाई सिर्फ़ एक बंदरगाह शहर नहीं था, बल्कि एशिया का ऐसा सांस्कृतिक हब था जिसे उस…
“Crows and Sparrows (乌鸦与麻雀)” 1949 की एक चीनी फ़िल्म है, जिसे निर्देशक झेंग जुनली (Zheng Junli) ने बनाया और यह…