वो फिल्म जिसने Akira Kurosawa को दुनिया से मिलाया — Sanshiro Sugata 1943 Review
मुझे याद है जब मैंने पहली बार Akira Kurosawa का नाम सुना था — किसी ने कहा था, “Seven Samurai…
Movie Reviews – Connect to Life
मुझे याद है जब मैंने पहली बार Akira Kurosawa का नाम सुना था — किसी ने कहा था, “Seven Samurai…
कल्पना कीजिए। आप हर सुबह उसी इमारत की सफाई करने जाते हैं जहाँ वो लोग बैठते हैं जिन्होंने आपकी माँ…
कुछ फ़िल्में इतिहास की किताबों में दर्ज हो जाती हैं। कुछ फ़िल्में लोगों के दिलों में उतर जाती हैं। और…
रात के करीब आठ बजे हैं। एक Insurance Agent अपने किसी client का routine काम निपटाने के लिए एक घर…
एक सवाल पूछिए खुद से — अगर आपके घर का सबसे बड़ा सहारा अचानक चला जाए, तो क्या आपका परिवार…
वो एक लम्हा जब कोरिया ने पहली बार खुलकर सांस ली कल्पना कीजिए — 35 साल की गुलामी। 35 साल…
कल रात की बात है। मेरे एक दोस्त ने, जो खुद को ‘जेन-ज़ी सिनेफाइल’ कहता है, मुझसे पूछा, “यार तुम…
क्या हो अगर आप नशे में धुत होकर एकदम सही हत्या की साजिश रच दें, और अगली सुबह उठें तो…
सिनेमा के इतिहास में ऐसी फिल्में बहुत कम बनी हैं जिन्होंने न सिर्फ मनोरंजन किया, बल्कि एक पूरे युग को…
फिल्में अक्सर हमें एक अलग दुनिया में ले जाती हैं – रोमांच, फंतासी, या शानदार जीवन की दुनिया में। लेकिन…
आज से करीब बीस-पच्चीस साल पहले की बात है। मुंबई के एक पुराने फिल्म आर्काइव में गहरी धूल दिख रही…
आपने कभी गौर किया है कि कुछ चेहरे सिनेमा के पर्दे पर आते ही दर्शकों के चेहरे पर एक मुस्कान,…
क्लासिक भारतीय फिल्मों पर वर्षों से रिसर्च‑बेस्ड रिव्यू लिखते हुए “Raj Nartaki (1940)” हमेशा उन टाइटल्स में गिना गया है,…
1930 के दशक में शंघाई सिर्फ़ एक बंदरगाह शहर नहीं था, बल्कि एशिया का ऐसा सांस्कृतिक हब था जिसे उस…
“Crows and Sparrows (乌鸦与麻雀)” 1949 की एक चीनी फ़िल्म है, जिसे निर्देशक झेंग जुनली (Zheng Junli) ने बनाया और यह…
नमस्कार दोस्तों! कल रात मैं एक पुरानी, ब्लैक एंड व्हाइट फिल्म देख रहा था – ‘द गॉडडेस’। स्क्रीन पर एक…
जापानी सिनेमा के इस दौर में, जहाँ एनीमे की चटकीली दुनिया और जीवंत पात्रों का बोलबाला है, वहीं एक वक्त…
यक़ीन मानिए, अगर आपने कभी भी किसी पुरानी, धूल भरी अलमारी में रखे फिल्मी पोस्टरों को पलटा हो, तो आपकी…
कल्पना कीजिए। साल 1946। देश आज़ादी की लड़ाई के आख़िरी दौर से गुज़र रहा है। हर तरफ उथल-पुथल, अनिश्चितता और…
याद है वो पुरानी, धूल भरी अटारी? जहाँ दादी का ट्रंक खुलता था तो किताबों की खुशबू और पुराने खिलौनों…