रस्सी, धुआं और आईने: साइलेंट फिल्मों के स्पेशल इफेक्ट्स के सीक्रेट जुगाड़

आज से करीब बीस-पच्चीस साल पहले की बात है।  मुंबई के एक पुराने फिल्म आर्काइव में गहरी धूल दिख रही थी। कागजों के ढेर, खस्ता […]

साइलेंट सिनेमा के मास्टर्स: चार्ली चैपलिन और बस्टर कीटन की प्रोडक्शन स्टाइल में छिपे राज़

साइलेंट सिनेमा की बात हो और चार्ली चैपलिन व बस्टर कीटन का नाम न आए, ऐसा लगभग नामुमकिन है। चैपलिन की इमोशनल कॉमेडी और कीटन […]

1930s के जमाने में स्पॉट बॉयज़ का जीवन: 5 मुख्य काम जो आज भी नहीं बदले

सोचिए ज़रा… 1930 का दशक। बॉम्बे टॉकीज़ का ज़माना। सिनेमा घरों में ब्लैक एंड वाइट फिल्मों का जादू सिर चढ़कर बोल रहा है। परदे पर […]

मूक सिनेमा के अनकहे संघर्ष: एक–एक परत खोलती रिसर्च सीरीज़

आप आज के इस दौर की कल्पना कीजिए, जहाँ सिनेमा हॉल में बैठकर आप हीरो की आवाज़ का एक-एक स्वर सुन सकते हैं, संगीत के […]

हाव-भाव की भाषा: हीरो-हीरोइन की प्रैक्टिस के अनसुने किस्से

क्या आपने कभी गौर किया है कि दिलीप कुमार की आँखों में एक अदद नजाकत क्यों दिखती है? या माधुरी दीक्षित की मुस्कुराहट में एक […]

साउंड रेकॉर्डिस्ट की कहानी – हर सांस रिकॉर्ड होती है

सुबह की पहली किरण ने अभी पेड़ों की पत्तियों को छुआ भी नहीं था। जंगल की उस गहरी शांति में, जहाँ हवा भी सांस रोके […]

स्टारडम से पहले का संघर्ष – मेकअप रूम की कहानियाँ

हर चमकदमक के पीछे एक अनदेखी और अनकही कहानी होती है – वह कहानी, जो आमतौर पर लाइमलाइट से कोसों दूर होती है। जैसे ही […]

वो एक रिटेक जो पूरी कहानी बदल देता है

जीवन की राहें आसान नहीं होतीं। अक्सर हम मेहनत करते हैं, जी-जान लगाते हैं, लेकिन परिणाम हमारे मन मुताबिक नहीं मिलता। ऐसी कई कहानियाँ सुनी […]