97 साल पुरानी इस British फ़िल्म ने Hitchcock को भी पीछे छोड़ दिया था — जानिए कैसे
एक नाम याद कीजिए — Alfred Hitchcock. Suspense का बादशाह। Thriller का पर्याय। जब भी British Cinema की बात होती…
Movie Reviews – Connect to Life
एक नाम याद कीजिए — Alfred Hitchcock. Suspense का बादशाह। Thriller का पर्याय। जब भी British Cinema की बात होती…
एक पल के लिए सोचिए — दूसरा विश्व युद्ध अपने चरम पर है, लंदन की गलियां बम धमाकों से अभी-अभी…
1992 में जब Disney का Aladdin theaters में आया, तो पूरी दुनिया उस Genie के दीवाने हो गए। Robin Williams…
रात के करीब आठ बजे हैं। एक Insurance Agent अपने किसी client का routine काम निपटाने के लिए एक घर…
आप अभी भी वो पल याद कर सकते हैं — जब पहली बार किसी कार्टून ने आपको हँसाया था। शायद…
1944 की एक काली रात। बारिश से भीगी सड़कें। एक थका हुआ Detective अपने Office में बैठा है — सिगरेट…
सितंबर 1921 की एक रात। San Francisco के सबसे शानदार Hotel में Party चल रही थी। शराब बह रही थी,…
वो आदमी जिसने कभी लाखों सैनिकों को हुक्म दिया था — आज एक फ़िल्मी सेट पर भीड़ का हिस्सा था।…
रात के बारह बज रहे हैं। पूरा घर सन्नाटे में डूबा है, बाहर सड़क पर कभी-कभार कोई गाड़ी गुज़रती है…
कल्पना कीजिए, एक ऐसा दौर जब सिनेमा के पर्दे पर उतरती हर तस्वीर एक सपने जैसी लगती थी। चेहरे पर…
क्या हो अगर आप नशे में धुत होकर एकदम सही हत्या की साजिश रच दें, और अगली सुबह उठें तो…
कल्पना कीजिए, एक ऐसा दौर जब सिनेमा में आवाज़ नहीं थी, सिर्फ हाव-भाव थे। एक ऐसा दौर जब हंसी के…
सिनेमा के इतिहास में ऐसी फिल्में बहुत कम बनी हैं जिन्होंने न सिर्फ मनोरंजन किया, बल्कि एक पूरे युग को…
1920 का दशक हॉलीवुड के लिए वह समय था जब सिनेमा ने वाकई “ड्रीम फैक्ट्री” का रूप लेना शुरू किया…
साइलेंट सिनेमा की बात हो और चार्ली चैपलिन व बस्टर कीटन का नाम न आए, ऐसा लगभग नामुमकिन है। चैपलिन…
हैलो दोस्तों! आज हम एक ऐसी फिल्म की बात करने वाले हैं, जिसने सदी के मध्य में बैठे दर्शकों की…
नमस्कार, कल्पना कीजिए कि आप सिनेमा हॉल में बैठे हैं। परदे पर कोई डायलॉग नहीं बोल रहा, कोई गाना नहीं…
यक़ीन मानिए, अगर आपने कभी भी किसी पुरानी, धूल भरी अलमारी में रखे फिल्मी पोस्टरों को पलटा हो, तो आपकी…
सोचिए एक ऐसी दुनिया जहाँ समय रुक गया हो। जहाँ हवा में चमकते सितारों की बजाय बस धूल भरी यादें…
साल 1951, दुनिया अभी दूसरे महायुद्ध के सदमे से उबर भी नहीं पाई थी कि एक नई दहशत ने जकड़…