हॉलीवुड का पहला Asian Leading Man — James Shigeta की वो कहानी जो किसी ने नहीं बताई
एक नाम याद कीजिए। James Shigeta शायद आपने सुना हो। शायद नहीं भी। लेकिन अगर आपने कभी Die Hard देखी…
Movie Reviews – Connect to Life
एक नाम याद कीजिए। James Shigeta शायद आपने सुना हो। शायद नहीं भी। लेकिन अगर आपने कभी Die Hard देखी…
19 फरवरी 1911 को बॉम्बे में एक बच्ची पैदा हुई। उसी साल इंग्लैंड की रानी मैरी और किंग जॉर्ज पंचम…
आज जब हम कोरिया की बात करते हैं तो ज़हन में क्या आता है? BTS की धुनें। Squid Game का…
मॉस्को, 1922। थिएटर की सीटें खचाखच भरी हैं। पर्दा उठता है। मंच पर सजावट के नाम पर कुछ नहीं —…
एक सुबह अमिताभ बच्चन अपनी गाड़ी में बैठे मुंबई के सांताक्रूज इलाके से गुज़र रहे थे। तभी उनकी नज़र एक…
एक सवाल पूछता हूँ। अगर मैं कहूं कि 1930s में एक ऐसी अभिनेत्री थी जिसकी फिल्में पूरे सोवियत संघ के…
हॉलीवुड के स्वर्णिम युग में कई ऐसे सितारे हुए जिनकी चमक आज भी बरकरार है, लेकिन कुछ ऐसे भी हैं…
हिंदी सिनेमा के स्वर्ण युग की वो मासूम चेहरे वाली शोख लड़की, जिसकी बड़ी-बड़ी आंखें और सहज मुस्कान ने लाखों…
भारतीय सिनेमा का इतिहास जब भी लिखा जाता है, उसमें एक नाम अक्सर धुंधला सा रह जाता है। एक ऐसा…
बॉम्बे के एक श्मशान घाट में असामान्य सन्नाटा पसरा हुआ था। जनवरी की ठंडी हवा में सैकड़ों लोग खड़े थे,…
वह पहली बार जब अपु ने मेरे दिल को छुआ 2015 कि बात ही, मैं एक छोटे शहर कि लाइब्रेरी…
युमेको आइज़ोमे 1930 के दशक की उन जापानी अभिनेत्रियों में थीं जिनका चेहरा मूक फ़िल्मों के आख़िरी वर्षों और बोलती…
आपने कभी गौर किया है कि कुछ चेहरे सिनेमा के पर्दे पर आते ही दर्शकों के चेहरे पर एक मुस्कान,…
नमस्कार दोस्तों! कल रात मैं एक पुरानी, ब्लैक एंड व्हाइट फिल्म देख रहा था – ‘द गॉडडेस’। स्क्रीन पर एक…
जापानी सिनेमा की बात हो और केनजी मिज़ोगुची, यासुजिरो ओज़ू, अकीरा कुरोसावा जैसे दिग्गज निर्देशकों का नाम न आए, ऐसा…
अगर आपसे पूछा जाए कि बॉलीवुड का “असली एक्शन हीरो” कौन है, तो बिना किसी हिचकिचाहट के एक नाम ज़ुबान…
वो दृश्य याद कीजिए। बारिश में भीगता हुआ एक आदमी। चेहरे पर बेचैनी, आँखों में एक जंगली चमक, जैसे कोई…
कल्पना कीजिए एक आवाज़। ठहरी हुई, मख़मली, थोड़ी धुंधली सिगार के धुएं जैसी… जिसमें सैकड़ों साल के स्पेनिश इतिहास का…
उस चेहरे को देखो, गहरी नज़रें जिनमें एक अजीब सा दर्द समाया है, मगर उसके ऊपर सवार एक अटूट इंसाफ…
सोचिए एक पल। 1950 का दशक। एक विशाल सिनेमा हॉल। पर्दे पर क्लार्क गेबल अपनी विद्युत चुम्बकीय मुस्कान बिखेर रहे…