1919 का राष्ट्रीयकरण और दुनिया का पहला फिल्म स्कूल VGIK: लेनिन ने सिनेमा को हथियार कैसे बनाया
सोचिए, 1919 का रूस। गृहयुद्ध छिड़ा हुआ है। शहरों में रोटी की कमी है, कारखाने ठप हैं, और सरकार को…
Movie Reviews – Connect to Life
सोचिए, 1919 का रूस। गृहयुद्ध छिड़ा हुआ है। शहरों में रोटी की कमी है, कारखाने ठप हैं, और सरकार को…
अगस्त 1946 की बात है। दूसरे विश्व युद्ध को खत्म हुए एक साल भी नहीं हुआ था। पेरिस के सिनेमाघरों…
कुछ चीज़ें होती हैं जो शब्दों के बिना भी सब कुछ कह देती हैं। एक माँ का चेहरा जब उसका…
1919 की एक दोपहर, Los Angeles में路 Pathé Exchange की building में एक photo shoot चल रहा था। हैरोल्ड लॉयड…
एक नाम याद कीजिए — Alfred Hitchcock. Suspense का बादशाह। Thriller का पर्याय। जब भी British Cinema की बात होती…
एक बात सोचिए। 1910 का साल है। एक फिल्मकार सुबह उठता है, आसमान की तरफ देखता है, और तय करता…
1913 से 1931 के बीच एक पूरी दुनिया बनी थी — जिसे इतिहास ने सिर्फ एक नाम देकर भुला दिया…
जब सिनेमा बनाना एक जुनून था, पेशा नहीं — और हर फ्रेम के पीछे थी एक पूरी जंग मेरे एक…
मेरे एक दोस्त ने एक बार मुझसे पूछा था — “यार, पुरानी फ़िल्मों में Paris का वो Eiffel Tower वाला…
कुछ लम्हे ऐसे होते हैं जो इतिहास को हमेशा के लिए बदल देते हैं। एक ऐसा ही लम्हा था जब…
कभी-कभी इतिहास की सबसे बड़ी बातें सबसे छोटी जगहों से शुरू होती हैं। एक थिएटर, एक कहानी, और एक सपना…
एक सवाल पूछना चाहता हूं आपसे। क्या आप जानते हैं कि भारतीय सिनेमा की पहली अभिनेत्री को फिल्म में काम…
आप अभी भी वो पल याद कर सकते हैं — जब पहली बार किसी कार्टून ने आपको हँसाया था। शायद…
जब हम आज की सिनेमाई जादूगरी—हरे पर्दे के सामने एक्शन करते सुपरहीरो या वायर रिग्स पर झूलते कलाकार—को देखते हैं,…
वो आदमी जिसने कभी लाखों सैनिकों को हुक्म दिया था — आज एक फ़िल्मी सेट पर भीड़ का हिस्सा था।…
कल रात की बात है। मेरे एक दोस्त ने, जो खुद को ‘जेन-ज़ी सिनेफाइल’ कहता है, मुझसे पूछा, “यार तुम…
क्या आपने कभी सोचा है कि एक ऐसी धुंध (fog) जो लंदन की सड़कों को सफेद चादर से ढक देती…
क्या कोई फिल्म सिर्फ 28 मिनट के टुकड़ों में भी पूरी दुनिया समेट सकती है? क्या एक अधूरी फिल्म भी…
कल्पना कीजिए, 1820 के दशक की फ्रांसीसी ग्रामीण सड़कें, घने जंगल, और उन रास्तों पर घूमता एक ऐसा बदमाश जिसका…
कल्पना कीजिए, एक ऐसा दौर जब सिनेमा में आवाज़ नहीं थी, सिर्फ हाव-भाव थे। एक ऐसा दौर जब हंसी के…