Black & White को Old मत कहो — वो Colorful था, बस आपकी Thinking Colorless है
कल रात की बात है। मेरे एक दोस्त ने, जो खुद को ‘जेन-ज़ी सिनेफाइल’ कहता है, मुझसे पूछा, “यार तुम…
Movie Reviews – Connect to Life
कल रात की बात है। मेरे एक दोस्त ने, जो खुद को ‘जेन-ज़ी सिनेफाइल’ कहता है, मुझसे पूछा, “यार तुम…
क्या आपने कभी सोचा है कि एक ऐसी धुंध (fog) जो लंदन की सड़कों को सफेद चादर से ढक देती…
क्या कोई फिल्म सिर्फ 28 मिनट के टुकड़ों में भी पूरी दुनिया समेट सकती है? क्या एक अधूरी फिल्म भी…
कल्पना कीजिए, 1820 के दशक की फ्रांसीसी ग्रामीण सड़कें, घने जंगल, और उन रास्तों पर घूमता एक ऐसा बदमाश जिसका…
कल्पना कीजिए, एक ऐसा दौर जब सिनेमा में आवाज़ नहीं थी, सिर्फ हाव-भाव थे। एक ऐसा दौर जब हंसी के…
भारतीय सिनेमा का इतिहास जब भी लिखा जाता है, उसमें एक नाम अक्सर धुंधला सा रह जाता है। एक ऐसा…
1920 का दशक हॉलीवुड के लिए वह समय था जब सिनेमा ने वाकई “ड्रीम फैक्ट्री” का रूप लेना शुरू किया…
आप आज के इस दौर की कल्पना कीजिए, जहाँ सिनेमा हॉल में बैठकर आप हीरो की आवाज़ का एक-एक स्वर…
नमस्कार, कल्पना कीजिए कि आप सिनेमा हॉल में बैठे हैं। परदे पर कोई डायलॉग नहीं बोल रहा, कोई गाना नहीं…
क्या आपने कभी गौर किया है कि दिलीप कुमार की आँखों में एक अदद नजाकत क्यों दिखती है? या माधुरी…