पसीने और खून से लिखी गई मूक सिनेमा की कहानी: शुरुआती दौर की खतरनाक हकीकत
जब हम आज की सिनेमाई जादूगरी—हरे पर्दे के सामने एक्शन करते सुपरहीरो या वायर रिग्स पर झूलते कलाकार—को देखते हैं,…
Movie Reviews – Connect to Life
जब हम आज की सिनेमाई जादूगरी—हरे पर्दे के सामने एक्शन करते सुपरहीरो या वायर रिग्स पर झूलते कलाकार—को देखते हैं,…
वो आदमी जिसने कभी लाखों सैनिकों को हुक्म दिया था — आज एक फ़िल्मी सेट पर भीड़ का हिस्सा था।…
वो एक लम्हा जब कोरिया ने पहली बार खुलकर सांस ली कल्पना कीजिए — 35 साल की गुलामी। 35 साल…
रात के बारह बज रहे हैं। पूरा घर सन्नाटे में डूबा है, बाहर सड़क पर कभी-कभार कोई गाड़ी गुज़रती है…
क्या आप कभी उस सिनेमाघर में बैठे हैं जहाँ लाइट बुझते ही पर्दे पर एक दुनिया जागती है? ये जो…
रविवार की रात है, आप पूरे हफ्ते की थकान उतारने के लिए Netflix खोलकर बैठे हैं। स्क्रीन पर एक तरफ…
कभी-कभी जब रात के सन्नाटे में रेडियो पर अचानक “लग जा गले” की धुन बजती है या टीवी पर “शोले”…
सन 1935, ब्रिटिश सिनेमा अपने पैर जमाने की कोशिश कर रहा था, और हॉलीवुड का जादू दुनिया भर पर छाया…
कल रात की बात है। मेरे एक दोस्त ने, जो खुद को ‘जेन-ज़ी सिनेफाइल’ कहता है, मुझसे पूछा, “यार तुम…
क्या कोई फिल्म एक साथ इतनी शांत और इतनी तूफानी हो सकती है? क्या एक बूढ़ा अभिनेता, एक ईर्ष्यालु प्रेमिका,…