वो लड़की जो नाज़ियों के दफ्तर में काम करती थी — और उनके दुश्मनों को बचा रही थी: Dark Is the Night 1945 Review
कल्पना कीजिए। आप हर सुबह उसी इमारत की सफाई करने जाते हैं जहाँ वो लोग बैठते हैं जिन्होंने आपकी माँ…
Movie Reviews – Connect to Life
कल्पना कीजिए। आप हर सुबह उसी इमारत की सफाई करने जाते हैं जहाँ वो लोग बैठते हैं जिन्होंने आपकी माँ…
कभी-कभी एक फिल्म देखते वक्त लगता है कि ये सिर्फ किस्सा नहीं है, बल्कि एक सवाल है जो सीधा आपके…
कभी-कभी इतिहास की सबसे बड़ी बातें सबसे छोटी जगहों से शुरू होती हैं। एक थिएटर, एक कहानी, और एक सपना…
कुछ हफ्ते पहले की बात है। मैं बेवजह इंटरनेट पर भटक रहा था — वो वाला भटकना जब नींद नहीं…
एक सवाल पूछना चाहता हूं आपसे। क्या आप जानते हैं कि भारतीय सिनेमा की पहली अभिनेत्री को फिल्म में काम…
रात के करीब आठ बजे हैं। एक Insurance Agent अपने किसी client का routine काम निपटाने के लिए एक घर…
आप अभी भी वो पल याद कर सकते हैं — जब पहली बार किसी कार्टून ने आपको हँसाया था। शायद…
एक सवाल पूछिए खुद से — अगर आपके घर का सबसे बड़ा सहारा अचानक चला जाए, तो क्या आपका परिवार…
वो आदमी जिसने कभी लाखों सैनिकों को हुक्म दिया था — आज एक फ़िल्मी सेट पर भीड़ का हिस्सा था।…
वो एक लम्हा जब कोरिया ने पहली बार खुलकर सांस ली कल्पना कीजिए — 35 साल की गुलामी। 35 साल…
रात के बारह बज रहे हैं। पूरा घर सन्नाटे में डूबा है, बाहर सड़क पर कभी-कभार कोई गाड़ी गुज़रती है…
क्या आप कभी उस सिनेमाघर में बैठे हैं जहाँ लाइट बुझते ही पर्दे पर एक दुनिया जागती है? ये जो…
रविवार की रात है, आप पूरे हफ्ते की थकान उतारने के लिए Netflix खोलकर बैठे हैं। स्क्रीन पर एक तरफ…
कभी-कभी जब रात के सन्नाटे में रेडियो पर अचानक “लग जा गले” की धुन बजती है या टीवी पर “शोले”…
क्या आपने कभी सोचा है कि एक ऐसी धुंध (fog) जो लंदन की सड़कों को सफेद चादर से ढक देती…
क्या कोई फिल्म एक साथ इतनी शांत और इतनी तूफानी हो सकती है? क्या एक बूढ़ा अभिनेता, एक ईर्ष्यालु प्रेमिका,…
क्या किसी औरत का बदला सिर्फ उसके जीवन तक सीमित होता है, या वह मौत के बाद भी जारी रह…
क्या कोई फिल्म सिर्फ 28 मिनट के टुकड़ों में भी पूरी दुनिया समेट सकती है? क्या एक अधूरी फिल्म भी…
कल्पना कीजिए, 1820 के दशक की फ्रांसीसी ग्रामीण सड़कें, घने जंगल, और उन रास्तों पर घूमता एक ऐसा बदमाश जिसका…
कल्पना कीजिए, एक ऐसा दौर जब सिनेमा के पर्दे पर उतरती हर तस्वीर एक सपने जैसी लगती थी। चेहरे पर…