चार्ली चैपलिन की ‘द ग्रेट डिक्टेटर’: जब कॉमेडी बनी तानाशाही के खिलाफ सबसे बड़ा हथियार

सिनेमा के इतिहास में ऐसी फिल्में बहुत कम बनी हैं जिन्होंने न सिर्फ मनोरंजन किया, बल्कि एक पूरे युग को चुनौती दे दी। ऐसी ही […]

गुमनाम सितारे: मास्टर विट्ठल — भारत की पहली सवाक फिल्म ‘आलम आरा’ के नायक

भारतीय सिनेमा का इतिहास जब भी लिखा जाता है, उसमें एक नाम अक्सर धुंधला सा रह जाता है। एक ऐसा चेहरा जिसने पहली बार भारत […]

मूक फिल्मों का जादू: 1920 के दशक की 5 कालजयी फिल्में जिन्हें आपको देखना चाहिए

वह समय जब फिल्में बोलती नहीं, दिलों में उतर जाती थीं कई  साल से मैं क्लासिक सिनेमा पर लिख रहा हूँ, और हर बार जब […]

युमेको आइज़ोमे: 1930 के दशक की जापानी फिल्मों की विस्मृत नायिका

युमेको आइज़ोमे 1930 के दशक की उन जापानी अभिनेत्रियों में थीं जिनका चेहरा मूक फ़िल्मों के आख़िरी वर्षों और बोलती फ़िल्मों के शुरुआती दौर—दोनों पर […]

कम बजट, बड़ा जुगाड़: साइलेंट फिल्ममेकर कैसे बनाते थे जादुई दृश्य

साइलेंट फिल्मों का युग (1890s-1920s) विजुअल इफेक्ट्स का स्वर्णिम काल था, लेकिन एक ऐसा काल जिसे इतिहास ने अक्सर ‘आदिम’ बता कर खारिज कर दिया। […]

Yang Naiwu (1930) Chinese Film Review: न्याय, साज़िश और समाज—एक ऐतिहासिक केस की सिनेमा-यात्रा

ज़्यादातर फिल्म रिव्यू इस सवाल से शुरू होते हैं कि “फिल्म कैसी लगी?”—लेकिन Yang Naiwu and Xiao Baicai (1930) के केस में पहला सवाल ही बदल जाता […]

जब निर्देशक की आवाज़ ही साउंडट्रैक थी: साइलेंट युग के निर्देशन के राज़

एक पुराने, धूल भरे स्टोररूम की कल्पना कीजिए। हवा में प्रोजेक्टर के बल्ब की गंध और पुराने सेल्युलॉइड की महक। मेरे हाथों में एक फिल्म […]

रस्सी, धुआं और आईने: साइलेंट फिल्मों के स्पेशल इफेक्ट्स के सीक्रेट जुगाड़

आज से करीब बीस-पच्चीस साल पहले की बात है।  मुंबई के एक पुराने फिल्म आर्काइव में गहरी धूल दिख रही थी। कागजों के ढेर, खस्ता […]

साइलेंट सिनेमा के मास्टर्स: चार्ली चैपलिन और बस्टर कीटन की प्रोडक्शन स्टाइल में छिपे राज़

साइलेंट सिनेमा की बात हो और चार्ली चैपलिन व बस्टर कीटन का नाम न आए, ऐसा लगभग नामुमकिन है। चैपलिन की इमोशनल कॉमेडी और कीटन […]

ओड़िया सिनेमा की जड़ें: 1936 की पहली फिल्म ‘सीता विवाह’ से आज तक का सफर

ओड़िया सिनेमा की कहानी 1936 में बनी पहली फिल्म ‘सीता विवाह’ से शुरू होती है और आज तक यह यात्रा संघर्ष, पहचान, रचनात्मकता और नए […]