चार्ली चैपलिन की ‘द ग्रेट डिक्टेटर’: जब कॉमेडी बनी तानाशाही के खिलाफ सबसे बड़ा हथियार
सिनेमा के इतिहास में ऐसी फिल्में बहुत कम बनी हैं जिन्होंने न सिर्फ मनोरंजन किया, बल्कि एक पूरे युग को…
Movie Reviews – Connect to Life
सिनेमा के इतिहास में ऐसी फिल्में बहुत कम बनी हैं जिन्होंने न सिर्फ मनोरंजन किया, बल्कि एक पूरे युग को…
फिल्में अक्सर हमें एक अलग दुनिया में ले जाती हैं – रोमांच, फंतासी, या शानदार जीवन की दुनिया में। लेकिन…
भारतीय सिनेमा का इतिहास जब भी लिखा जाता है, उसमें एक नाम अक्सर धुंधला सा रह जाता है। एक ऐसा…
सिनेमा हमेशा से ही चेहरों की कहानी रहा है। एक ऐसी कहानी जो बिना शब्दों के, सिर्फ़ नज़रों के इशारों…
आज का दौर है डॉल्बी एटमॉस साउंड का। अभिनेता की हर साँस, फुसफुसाहट, तलवार की हर झनकार हमारे कानों तक…
बॉम्बे के एक श्मशान घाट में असामान्य सन्नाटा पसरा हुआ था। जनवरी की ठंडी हवा में सैकड़ों लोग खड़े थे,…
साल 1911 था। मुंबई के एक सिनेमाघर में अँधेरा छाया हुआ था। पर्दे पर एक विदेशी फिल्म चल रही थी…
आज के दौर में जब स्पेशल इफेक्ट्स की बमबारी और स्टाइलिश एंटी-हीरोज़ का बोलबाला है, मेरा दिल अक्सर उस जमाने…
वह पहली बार जब अपु ने मेरे दिल को छुआ 2015 कि बात ही, मैं एक छोटे शहर कि लाइब्रेरी…
वह समय जब फिल्में बोलती नहीं, दिलों में उतर जाती थीं कई साल से मैं क्लासिक सिनेमा पर लिख रहा…
कई वर्षों से अधिक समय से, मेरा जुनून— एक ही मिशन के साथ: उन फिल्मों को उजागर और प्रासंगिक बनाना…
युमेको आइज़ोमे 1930 के दशक की उन जापानी अभिनेत्रियों में थीं जिनका चेहरा मूक फ़िल्मों के आख़िरी वर्षों और बोलती…
कोरियन सिनेमा की बात करते ही ज़्यादातर लोगों के दिमाग में “पैरासाइट”, “ओल्डबॉय” या हाल की नेटफ्लिक्स सीरीज़ का नाम…
साइलेंट फिल्मों का युग (1890s-1920s) विजुअल इफेक्ट्स का स्वर्णिम काल था, लेकिन एक ऐसा काल जिसे इतिहास ने अक्सर ‘आदिम’…
ज़्यादातर फिल्म रिव्यू इस सवाल से शुरू होते हैं कि “फिल्म कैसी लगी?”—लेकिन Yang Naiwu and Xiao Baicai (1930) के केस में…
Basanta Bilap एक 1973 की भारतीय बंगाली भाषा की रोमांटिक कॉमेडी फिल्म है, जिसका निर्देशन Dinen Gupta ने किया था।…
एक पुराने, धूल भरे स्टोररूम की कल्पना कीजिए। हवा में प्रोजेक्टर के बल्ब की गंध और पुराने सेल्युलॉइड की महक।…
आज से करीब बीस-पच्चीस साल पहले की बात है। मुंबई के एक पुराने फिल्म आर्काइव में गहरी धूल दिख रही…
आपने कभी गौर किया है कि कुछ चेहरे सिनेमा के पर्दे पर आते ही दर्शकों के चेहरे पर एक मुस्कान,…
क्लासिक भारतीय फिल्मों पर वर्षों से रिसर्च‑बेस्ड रिव्यू लिखते हुए “Raj Nartaki (1940)” हमेशा उन टाइटल्स में गिना गया है,…