Behind the ScenesFilmsHindiold FilmsTop Stories

साइलेंट फ़िल्मों में आवाज़ का जादू: 1920 के दशक के वे ‘बेंशी’ (Benshi) जो परदे के पीछे से कहानी सुनाते थे

आज का दौर है डॉल्बी एटमॉस साउंड का। अभिनेता की हर साँस, फुसफुसाहट, तलवार की हर झनकार हमारे कानों तक…

BollywoodFilmsHindiNational StarSuper StarTop Stories

सुरैया: वह सुपरस्टार जिसके पीछे दीवानी थी दुनिया, पर अपनी ही ज़िंदगी में अकेली रह गईं

बॉम्बे के एक श्मशान घाट में असामान्य सन्नाटा पसरा हुआ था। जनवरी की ठंडी हवा में सैकड़ों लोग खड़े थे,…

BollywoodFilmsHindiold FilmsTop Stories

दादा साहब फाल्के की ‘राजा हरिश्चंद्र’ (1913): भारत की पहली फ़ीचर फ़िल्म बनाने का वह रोमांचक संघर्ष

साल 1911 था। मुंबई के एक सिनेमाघर में अँधेरा छाया हुआ था। पर्दे पर एक विदेशी फिल्म चल रही थी…

BollywoodFilmsHindiold FilmsTop Stories

ब्लैक एंड व्हाइट युग के 5 बेहतरीन विलेन: जब खलनायकों का खौफ़ ही फ़िल्म की जान होता था

आज के दौर में जब स्पेशल इफेक्ट्स की बमबारी और स्टाइलिश एंटी-हीरोज़ का बोलबाला है, मेरा दिल अक्सर उस जमाने…

Japanese1930International StarSuper StarTop Stories

युमेको आइज़ोमे: 1930 के दशक की जापानी फिल्मों की विस्मृत नायिका

युमेको आइज़ोमे 1930 के दशक की उन जापानी अभिनेत्रियों में थीं जिनका चेहरा मूक फ़िल्मों के आख़िरी वर्षों और बोलती…

1970FilmsHindiInternational FilmsKoreanMovie Reviewold FilmsTop Stories

“वूमन ऑफ फायर 1971”: एक ऐसी ज्वाला जिसने कोरियाई सिनेमा की दिशा बदल दी

कोरियन सिनेमा की बात करते ही ज़्यादातर लोगों के दिमाग में “पैरासाइट”, “ओल्डबॉय” या हाल की नेटफ्लिक्स सीरीज़ का नाम…

Behind the Scenes1930Hindiold FilmsTop Stories

कम बजट, बड़ा जुगाड़: साइलेंट फिल्ममेकर कैसे बनाते थे जादुई दृश्य

साइलेंट फिल्मों का युग (1890s-1920s) विजुअल इफेक्ट्स का स्वर्णिम काल था, लेकिन एक ऐसा काल जिसे इतिहास ने अक्सर ‘आदिम’…