1970FilmsHindiKoreanMovie Reviewold FilmsTop Stories

मार्च ऑफ़ द फूल्स (1975): वो कोरियाई फिल्म जिसने युवाओं के दर्द को ‘बेवकूफ़ी’ का नाम दे दिया

साल 1975, दक्षिण कोरिया में सैन्य तानाशाही का दौर। युवाओं के सपनों पर लोहे के जूते चल रहे हैं, विरोध…

1950BollywoodHindiIndian CinemaMovie Reviewold FilmsRomenticTop Stories

मिस्टर एंड मिसेज़ ’55”: 1950 के दशक की वह फिल्म जिसने प्यार और पर्दे के पीछे की राजनीति को एक साथ बुना

अगर आपसे कोई पूछे कि 1950 के दशक की वह बॉलीवुड फिल्म कौन सी है जिसमें मधुबाला की मासूमियत, गुरु…

HindiHollywoodInspirationalMovie Reviewold FilmsTop Stories

चारियट्स ऑफ़ फायर” (1981): जब जीत सिर्फ मेडल नहीं, खुद से लड़ाई होती है

1981 सिनेमाघरों में एक फिल्म आई, जिसका नाम था—”चारियट्स ऑफ़ फायर”। इस फिल्म की शुरुआत हुई समंदर किनारे धीमी गति…

1970FilmsHindiKannadaMovie Reviewold FilmsTop Stories

मयूरा (1975): कन्नड़ सिनेमा का वो ऐतिहासिक रत्न जिसने गढ़ी नई परंपरा

साल 1975 भारतीय सिनेमा में ऐतिहासिक फिल्मों का दौर चल रहा था। हिंदी में “शोले” का जलवा था, तो दक्षिण…

1940EpicFilmsHindiInternational FilmsMovie Reviewold FilmsTop Stories

बैंड वैगन (1940): वो ब्रिटिश कॉमेडी जिसने युद्ध के बीच में बिखेरी थी हँसी की चिंगारी

1940 का साल। यूरोप में द्वितीय विश्वयुद्ध की आग धधक रही थी, और ब्रिटेन के आसमान पर जर्मन बमवर्षकों के…

1950EpicFilmsHindiInspirationalInternational FilmsMovie Reviewold FilmsRomenticTop Stories

Five Golden Flowers (1959): चीन की वो फिल्म जिसमें खिले थे प्यार और समाजवाद के रंग

साल 1959 की बात है। चीन में ‘ग्रेट लीप फॉरवर्ड’ का दौर चल रहा था—जहाँ एक तरफ़ लोहे के कारख़ाने…

1970FilmsHindiHollywoodMovie Reviewold FilmsTop Stories

Chinatown (1974): वह फ़िल्म जिसने हॉलीवुड को सिखाया ‘अंधेरे में उजाला ढूंढना’

क्या कोई फ़िल्म आपकी ज़िंदगी को बदल सकती है? अगर हाँ, तो रोमन पोलांस्की की “Chinatown” उन चंद फ़िल्मों में…

1970BollywoodFilmsHindiMovie Reviewold FilmsRomenticTop Stories

घरौंदा: 1977 की एक सदाबहार बॉलीवुड क्लासिक

हिंदी फिल्म इंडस्ट्री, जिसे अक्सर बॉलीवुड के नाम से जाना जाता है, सिनेमाई उत्कृष्टता का खजाना रही है। इसकी कई…

1950FilmsHindiInspirationalInternational FilmsMovie Reviewold FilmsTop Stories

मैडम फ्रीडम (1956): आधुनिकता, इच्छा और सामाजिक परिवर्तन की एक टाइमलेस खोज

हान ह्युंग-मो द्वारा निर्देशित मैडम फ्रीडम (1956) दक्षिण कोरिया की सबसे प्रतिष्ठित और प्रभावशाली फिल्मों में से एक है। जियोंग…

1950FilmsHindiMovie ReviewSouth IndiaTeluguTop Stories

“‘कन्ना टल्ली’ (1953) : हिंदी सिनेमा में तेलुगु क्लासिक की टाइमलेस अपील”

कन्ना टल्ली 1953 में रिलीज़ हुई एक तेलुगु फ़िल्म है। यह फ़िल्म अपनी भावनात्मक कहानी, दमदार अभिनय और पारिवारिक मूल्यों…

1940FilmsHindiKids ZoneMovie Reviewold FilmsTop Stories

एंकर्स अवे (1945) : लाइव-एक्शन और एनिमेशन का जादुई मिश्रण

एंकर्स अवे 1945 की एक संगीतमय कॉमेडी फिल्म है जो लाइव-एक्शन और एनीमेशन के अपने रमणीय मिश्रण के लिए प्रसिद्ध…

1930FilmsHindiInternational FilmsMovie Reviewold FilmsTop Stories

चाइना सीज़ (1935) : रोमांच और ख़तरे की एक क्लासिक कहानी

चाइना सीज़ 1935 की एक एडवेंचर फ़िल्म है जो हमें समुद्री लुटेरों, तूफ़ानों और विश्वासघात का सामना करने वाले एक…