आर्सेनिक एंड ओल्ड लेस (1944): डार्क ह्यूमर का मास्टरपीस जो आज भी ज़हर का मज़ा देता है!
कल्पना कीजिए एक ऐसी दुनिया की, जहां सबसे मीठी मुस्कान वाली, चाय-बिस्कुट परोसने वाली, प्यारी बुजुर्ग चाचियाँ… एक सनसनीखे़ज़ राज़…
Movie Reviews – Connect to Life
कल्पना कीजिए एक ऐसी दुनिया की, जहां सबसे मीठी मुस्कान वाली, चाय-बिस्कुट परोसने वाली, प्यारी बुजुर्ग चाचियाँ… एक सनसनीखे़ज़ राज़…
सोचिए, एक दिन डॉक्टर आपको बता दे कि आपको गैस्ट्रिक कैंसर है, और बस कुछ ही महीने बाकी हैं। अब…
कल्पना कीजिए एक ऐसी फिल्म जिसमें कोई भीषण एक्शन नहीं, कोई जोरदार ड्रामा नहीं, कोई भावुक भाषण नहीं। बस जीवन…
कल्पना कीजिए। धुंध से ढकी सर्द शंघाई की सुबह। सड़क के किनारे, फुटपाथ की ठंडक पर, एक छोटा सा बच्चा।…
कल्पना कीजिए: बिजली कड़कती है, एक पागल वैज्ञानिक अपनी प्रयोगशाला में कुछ बना रहा है, और फिर… वो पल आता…
कल्पना कीजिए… साल 1937 है। सिनेमाघरों में लोग बैठे हैं। स्क्रीन पर रंग नहीं, सिर्फ़ काले-सफेद छायाचित्र। तभी शुरू होती…
क्या आपको वो पुरानी कन्नड़ फिल्में याद हैं? जहां कहानी की गहराई होती थी, संगीत दिल को छू जाता था,…
साल 1975, दक्षिण कोरिया पर सैन्य शासन की लोहे की मुट्ठी कसी हुई है। हवा में डर का सन्नाटा, आँखों…
याद है वो बचपन की दोपहर? पंखे की आवाज़, खिड़की से आती गर्म हवा, और टीवी पर चलती कोई ऐसी…
कल्पना कीजिए एक घर जहाँ दीवारों पर पुराने चित्र लटके हैं, हवा में हल्की खुशबू है गुलाबजल की, और बैठक…