हैलो दोस्तों! आज हम एक ऐसी फिल्म की बात करने वाले हैं, जिसने सदी के मध्य में बैठे दर्शकों की रूह कंपा दी थी। वो […]
Category: old Films
Kinuyo Tanaka: वह जापानी अभिनेत्री जिसने पर्दे के पीछे भी रचा इतिहास
जापानी सिनेमा की बात हो और केनजी मिज़ोगुची, यासुजिरो ओज़ू, अकीरा कुरोसावा जैसे दिग्गज निर्देशकों का नाम न आए, ऐसा हो ही नहीं सकता। लेकिन […]
पुराने लेंस, नई दृष्टि: 1950 के दशक की तमिल फिल्मों की दृश्य भाषा
आज के दौर में जब हम ‘RRR’ या ‘पोन्नियिन सेलवन’ के शानदार विजुअल्स देखते हैं, तो उनकी तकनीकी चमक-धमक हैरान कर देती है। CGI, VFX, […]
Aunt Tula 1964 फिल्म रिव्यू: चुप्पी, कर्तव्य और दबी इच्छाओं की गहरी कहानी
कहते हैं कि कुछ फिल्में सिर्फ़ मनोरंजन के लिए नहीं बनी होतीं, बल्कि वो समाज के सामने एक आईना रखने का काम करती हैं। स्पेनिश […]
Kurosawa के कैमरे से निकली एक करुण पुकार – Stray Dog की कहानी
जापानी सिनेमा के इस दौर में, जहाँ एनीमे की चटकीली दुनिया और जीवंत पात्रों का बोलबाला है, वहीं एक वक्त वह भी था जब पर्दे […]
हाव-भाव की भाषा: हीरो-हीरोइन की प्रैक्टिस के अनसुने किस्से
क्या आपने कभी गौर किया है कि दिलीप कुमार की आँखों में एक अदद नजाकत क्यों दिखती है? या माधुरी दीक्षित की मुस्कुराहट में एक […]
तोशीरो मिफ्यून: जापानी सिनेमा का ज्वालामुखी जिसने दुनिया को झकझोरा
वो दृश्य याद कीजिए। बारिश में भीगता हुआ एक आदमी। चेहरे पर बेचैनी, आँखों में एक जंगली चमक, जैसे कोई पिंजरे में कैद शेर हो। […]
साउंड रेकॉर्डिस्ट की कहानी – हर सांस रिकॉर्ड होती है
सुबह की पहली किरण ने अभी पेड़ों की पत्तियों को छुआ भी नहीं था। जंगल की उस गहरी शांति में, जहाँ हवा भी सांस रोके […]
द ममीज़ कर्स (1944): हॉलीवुड के श्राप और सस्पेंस की क्लासिक कहानी
यक़ीन मानिए, अगर आपने कभी भी किसी पुरानी, धूल भरी अलमारी में रखे फिल्मी पोस्टरों को पलटा हो, तो आपकी नज़र ज़रूर उस तस्वीर पर […]
केवल प्रेम कहानी नहीं—‘अनमोल घड़ी’ में छुपा समाज और वर्ग का संदेश!
कल्पना कीजिए। साल 1946। देश आज़ादी की लड़ाई के आख़िरी दौर से गुज़र रहा है। हर तरफ उथल-पुथल, अनिश्चितता और बदलाव की हवा बह रही […]