एक परदे पर दो भविष्य के CM — NTR और Jayalalithaa की वो Telugu फ़िल्म जिसे कोई याद नहीं करता

Ali Baba 40 Dongalu 1970

4 अप्रैल 1970. Hyderabad के एक सिनेमाघर में पर्दा उठा और Baghdad की गलियाँ Telugu में बोलने लगीं। एक लकड़हारा जंगल में भटक रहा था। एक हसीना तलवार थामे खड़ी थी। चालीस चोर गुफा के अंदर सोने के सिक्के गिन रहे थे। दर्शक सीटों पर झुके हुए थे।

जो दो लोग उस दिन परदे पर थे, उनके बारे में किसी ने तब सोचा भी नहीं होगा कि ये दोनों एक दिन अपने-अपने राज्यों के मुख्यमंत्री बनेंगे। एक — N. T. Rama Rao, जिन्हें पूरा Andhra उन्हें NTR कहकर बुलाता था। दूसरी — Jayalalithaa, जिन्हें पूरा Tamil Nadu “अम्मा” कहकर पुकारेगा।

उस दिन वो सिर्फ एक फ़िल्म थी। Ali Baba 40 Dongalu.

वो दौर जब सिनेमा ही सबकुछ था

1970 का साल। India अभी आज़ादी के बाद की नींद से पूरी तरह जागा नहीं था। Andhra Pradesh और Tamil Nadu में राजनीति का खेल कांग्रेस के इर्द-गिर्द घूमता था। टेलीविज़न अभी आम घरों तक नहीं पहुँचा था। मनोरंजन का एक ही ज़रिया था — सिनेमा।

Telugu cinema की वो ऐतिहासिक fantasy film जिसमें NTR (Ali Baba)

और Telugu सिनेमा उस वक्त fantasy और mythological films का जादू चला रहा था। B. Vittalacharya उस जादू के सबसे बड़े जादूगर थे। Udupi, Karnataka से ताल्लुक रखने वाले इस निर्देशक ने 1953 में Telugu फ़िल्मों का रुख किया था। उनकी speciality थी — बिना CGI के, बिना आधुनिक तकनीक के, सिर्फ कल्पना और कारीगरी से ऐसी दुनिया बनाना जो दर्शक को कुर्सी से उठने न दे। जादुई गुफाएँ, उड़ते घोड़े, तलवारबाज़ी, रंग-बिरंगे दरबार — यह उनकी पहचान थी।

Ali Baba 40 Dongalu उनकी उसी कला का एक बेहतरीन नमूना था।

Arabian Nights का Telugu अवतार

कहानी वही पुरानी थी जो बचपन में दादी-नानी सुनाती थीं — अली बाबा और चालीस चोर। लेकिन Vittalacharya ने उसे Andhra की मिट्टी में रोपा और एक नया रंग दे दिया।

Baghdad की गलियों में Ali Baba (NTR) एक साधारण लकड़हारा है। ग़रीब है, मेहनती है, और ज़िन्दगी से लड़ता है। उसका भाई Kasim (Nagabhushanam) कंजूस और लालची है। माँ Chand Bibi (Hemalata) हैं जो बेटे के लिए दुआ करती हैं। ऊपर से भाभी Sultana (Suryakantham), जिनकी ज़ुबान पर कोई लगाम नहीं।

एक दिन जंगल में लकड़ी काटते वक्त Ali Baba एक रहस्यमयी गुफा का पता लगा लेता है। वो magical जुमला — “खुल जा सिम सिम” — और खज़ाने का दरवाज़ा खुल जाता है। चोरों के सरदार Abu Hussain की गुफा में सोने-चाँदी के अम्बार हैं। Ali Baba कुछ सिक्के ले जाता है। बस, यहीं से उसकी ज़िन्दगी पलट जाती है — अच्छे और बुरे, दोनों तरफ।

और इस पूरे खेल में जो किरदार सबसे ज़्यादा चमका, वो था Marjiana का — Jayalalithaa का किरदार। एक चतुर, साहसी, वफ़ादार लड़की जो अपनी बुद्धि से दुश्मनों को मात देती है। यह वही किरदार है जिसे असल कहानी में “Morgiana” कहते हैं — वो दासी जो 40 चोरों को तेल के मटकों में सुलाकर ख़त्म कर देती है। इस फ़िल्म में Jayalalithaa ने उस Marjiana को इतनी शिद्दत से जिया कि दर्शक देखते रह गए।

NTR — लकड़हारे से मुख्यमंत्री तक

उस वक्त NTR की उम्र थी 47 साल। पहले से ही Telugu cinema के भगवान थे। कृष्ण के किरदार में उन्हें देखकर लोग हाथ जोड़ लेते थे, फूल चढ़ाते थे। पर 1970 की यह फ़िल्म अलग थी — यहाँ वो भगवान नहीं, एक इंसान थे। एक आम आदमी जो भाग्य की मार खाता है, मगर हार नहीं मानता।

जो दर्शक NTR को Ali Baba के रूप में देख रहे थे, उन्हें क्या पता था कि 12 साल बाद यही NTR एक पार्टी बनाएंगे — Telugu Desam Party — और सिर्फ 9 महीने में Andhra Pradesh की सत्ता पलट देंगे। 1983 में जब वो Andhra के मुख्यमंत्री बने, तो कांग्रेस की ज़मीन हिल गई। एक ऐसा करिश्मा जो भारतीय राजनीति में आज तक दोहराया नहीं गया।

Ali Baba 40 Dongalu 1970 में 'खुल जा सिम सिम' की वो जादुई गुफा जहाँ चालीस चोरों का खज़ाना छुपा था

लेकिन उस सफ़र की नींव उन लाखों दर्शकों में थी जिन्होंने NTR को सिनेमाघरों में देखा था — Ali Baba के रूप में, Krishna के रूप में, Ram के रूप में। उन्होंने NTR को किरदार नहीं, इंसान माना था। और वही भरोसा बाद में वोट बना।

Jayalalithaa — Marjiana से “अम्मा” तक

1970 में Jayalalithaa की उम्र थी 22 साल। वो पहले से ही South Indian cinema की चमकती हुई star थीं। Tamil films में MGR के साथ उनकी जोड़ी दर्शकों की पसंदीदा थी। Telugu films में भी वो कमाल करती थीं — Baghdad Gajadonga में NTR के साथ उनकी chemistry पहले ही साबित हो चुकी थी।

Ali Baba 40 Dongalu में Marjiana का किरदार उनके लिए बना था। तेज़, बोल्ड, किसी के आगे न झुकने वाली। जिस तरह Marjiana चालीस चोरों की चाल को नाकाम करती है, उसी तरह Jayalalithaa ने बाद में Tamil Nadu की राजनीति में अपने विरोधियों को पस्त किया।

1982 में वो MGR की पार्टी AIADMK से जुड़ीं। 1989 में Tamil Nadu विधानसभा में जो हुआ — जब एक DMK सदस्य ने उनकी बेइज़्ज़ती की — उस दिन Jayalalithaa ने कसम खाई कि वो CM बनकर ही इस विधानसभा में लौटेंगी। और 1991 में उन्होंने ऐसा ही किया। 225 सीटें जीतकर। इतिहास बनाकर।

1991 से 2016 तक — छह बार Chief Minister. Tamil Nadu की राजनीति का केंद्र बिंदु। “अम्मा” — एक नाम जो पूजा जाता था।

Ghantasala का संगीत — वो आवाज़ जो आज भी जीती है

Ali Baba 40 Dongalu को जो चीज़ सबसे ज़्यादा यादगार बनाती है, वो है इसका संगीत। Ghantasala Venkateswara Rao — Telugu संगीत के वो legend जिन्होंने अपने जीवन में 10,000 से ज़्यादा गीत गाए। उनकी आवाज़ में एक ऐसी गहराई थी जो सीधे दिल में उतरती थी।

इस फ़िल्म के गीतों में Kosaraju, Dasaradhi और C. Narayana Reddy जैसे दिग्गज lyricists थे। और गायकों की list देखिए — Ghantasala खुद, P. Susheela, और एक नया नाम जो उस वक्त अपनी शुरुआत कर रहा था — S. P. Balasubrahmanyam. जी हाँ, वही SPB जो बाद में South Indian music का सबसे बड़ा नाम बना। Ali Baba 40 Dongalu उन शुरुआती फ़िल्मों में से एक थी जिनमें उन्होंने गाया।

यहाँ तक कि Jayalalithaa ने भी खुद इस फ़िल्म में गाया — उनकी आवाज़ परदे पर उतनी ही दमदार थी जितना उनका अभिनय।

Telugu cinema के सुपरस्टार

B. Vittalacharya — वो जादूगर जिसे इतिहास ने भुला दिया

इस फ़िल्म का असली hero अगर कोई है तो वो है निर्देशक B. Vittalacharya. 1920 में Udupi में जन्मे इस शख्स ने Telugu और Kannada सिनेमा को fantasy का रंग दिया। उनकी फ़िल्मों में special effects होते थे — उस ज़माने में, जब कोई computer नहीं था, कोई green screen नहीं था। तार और पर्दे और रोशनी के खेल से वो ऐसे दृश्य बनाते थे जो दर्शक को मंत्रमुग्ध कर दें।

Ali Baba 40 Dongalu में 40 चोरों की भीड़, गुफा का खुलना, खज़ाने का दृश्य — यह सब उस दौर की तकनीक की सीमाओं के भीतर एक कमाल था। 179 मिनट की यह फ़िल्म दर्शक को एक पल के लिए बोर नहीं करती।

और फ़िल्म की supporting cast भी देखिए — Kaikala Satyanarayana, Allu Ramalingaiah, Mikkilineni, Suryakantham, Raja Babu। यानी उस दौर के हर बड़े character actor इस एक फ़िल्म में थे। यह एक ensemble था, कोई साधारण फ़िल्म नहीं।

वो coincidence जो इतिहास बन गया

अब ज़रा पीछे जाकर सोचिए।

4 अप्रैल 1970 को एक Telugu fantasy film release हुई। उसमें Ali Baba का किरदार निभाने वाले NTR 1983 में Andhra Pradesh के मुख्यमंत्री बने। Marjiana का किरदार निभाने वाली Jayalalithaa 1991 में Tamil Nadu की मुख्यमंत्री बनीं।

भारतीय सिनेमा के पूरे इतिहास में ऐसा शायद पहले कभी नहीं हुआ — कि एक ही फ़िल्म के lead actor और lead actress, दोनों बाद में अलग-अलग राज्यों के Chief Minister बने। और वो भी कोई छोटे CM नहीं — NTR तीन बार CM रहे, Jayalalithaa छह बार।

दोनों ने अपने-अपने राज्यों की राजनीति को बदल दिया। दोनों जनता के दिलों में भगवान की तरह पूजे गए। दोनों के जाने के बाद उनके राज्यों में ऐसा शून्य पड़ा जो आज तक नहीं भरा।

और इस सब की शुरुआत एक ऐसी फ़िल्म में थी जिसे आज कोई याद नहीं करता।

1970 के Telugu cinema का एक दुर्लभ दृश्य — B. Vittalacharya के निर्देशन में Ali Baba 40 Dongalu

अंत में — वो खज़ाना जो गुफा में बंद है

Ali Baba 40 Dongalu को IMDb पर 7.3 की rating मिली हुई है। यह rating उन लोगों ने दी है जिन्होंने इसे देखा। लेकिन Hindi में इस फ़िल्म के बारे में लिखा बहुत कम गया है, बात बहुत कम हुई है।

यह फ़िल्म सिर्फ एक entertainment product नहीं है — यह भारतीय राजनीति और सिनेमा के मिलन का एक ऐसा दस्तावेज़ है जो किसी ने ध्यान से नहीं पढ़ा।

Ali Baba को जब गुफा में खज़ाना मिला था, तो उसने उसे दुनिया के साथ बाँटा था। इस फ़िल्म का खज़ाना भी वैसा ही है — छुपा हुआ, forgotten, लेकिन असली।

“खुल जा सिम सिम” — और यह दरवाज़ा खुल जाता है।

सिर्फ खोजने वाले चाहिए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *