द किड ब्रदर (1927): हेरोल्ड लॉयड की वह अमर कृति जिसने मूक सिनेमा को नई ऊंचाई दी

Movie NUrture:द किड ब्रदर (1927): हेरोल्ड लॉयड की वह अमर कृति जिसने मूक सिनेमा को नई ऊंचाई दी

कल्पना कीजिए, एक ऐसा दौर जब सिनेमा में आवाज़ नहीं थी, सिर्फ हाव-भाव थे। एक ऐसा दौर जब हंसी के लिए संवादों की नहीं, बल्कि कलाबाज़ियों और अदाओं की जरूरत होती थी। 1920 का दशक मूक सिनेमा (Silent Cinema) का स्वर्णिम युग था, और इस युग के तीन सबसे बड़े सितारे थे—चार्ली चैपलिन (Charlie Chaplin), बस्टर कीटन (Buster Keaton), और हेरोल्ड लॉयड (Harold Lloyd) । आज हम बात करेंगे हेरोल्ड लॉयड की उस फिल्म के बारे में, जिसे कई समीक्षक उनकी सबसे बड़ी कृति (Magnum Opus) मानते हैं—द किड ब्रदर (The Kid Brother)

1927 में रिलीज हुई इस फिल्म ने मूक सिनेमा की जटिल कहानी कहने की कला को एक नए मुकाम पर पहुंचा दिया । यह सिर्फ एक कॉमेडी नहीं थी, बल्कि इसमें रोमांस, रोमांच, वेस्टर्न और यहां तक कि हॉरर के तत्व भी शामिल थे । आइए, इस भूली-बिसरी क्लासिक फिल्म (Forgotten Classic) की गलियों में घूमते हैं और समझते हैं कि आखिर यह फिल्म मूक सिनेमा के इतिहास (Silent Film History) में इतनी खास क्यों है।

1927: मूक सिनेमा का चरमोत्कर्ष

1927 का साल सिनेमा जगत के लिए ऐतिहासिक था। यह वही साल था जब “द जैज़ सिंगर” (The Jazz Singer) ने आवाज़ वाली फिल्मों (Talkies) की शुरुआत की, लेकिन साथ ही यह मूक सिनेमा के सबसे उत्कृष्ट उदाहरणों का भी साल था। इसी साल बस्टर कीटन की महानतम फिल्म “द जनरल” (The General) रिलीज हुई थी । लेकिन दिलचस्प बात यह है कि जहां “द जनरल” को शुरुआती दौर में मिश्रित समीक्षा मिली, वहीं “द किड ब्रदर” ने उस समय बॉक्स ऑफिस पर अच्छा प्रदर्शन किया ।

हेरोल्ड लॉयड उस समय पहले से ही “सेफ्टी लास्ट!” (Safety Last!) जैसी फिल्मों से मशहूर थे, जिसमें उन्होंने घड़ी की सुई से लटकते हुए वह ऐतिहासिक दृश्य दिया था । लेकिन “द किड ब्रदर” ने साबित कर दिया कि वह सिर्फ स्टंटमैन नहीं, बल्कि एक सच्चे कलाकार और कहानीकार थे। इस फिल्म को बनाने में उन्होंने अपनी अधिकांश अन्य फिल्मों से ज्यादा समय लिया, और नतीजा एक सटीक शिल्पकृति (Precisely Crafted Work) के रूप में सामने आया ।

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कहानी का सार: अंडरडॉग की अमर गाथा

फिल्म की कहानी बेहद सरल लेकिन सार्वभौमिक है—यह एक अंडरडॉग (Underdog) की कहानी है, जो अपने परिवार और समाज में अपनी पहचान बनाने के लिए संघर्ष करता है।

हिकरी परिवार एक छोटे से ग्रामीण इलाके में रहता है । परिवार के मुखिया जिम हिकरी (Jim Hickory) गांव के शेरिफ हैं, जिनका कद और प्रतिष्ठा बहुत बड़ी है । उनके दो बड़े बेटे—लियो और ओली—हट्टे-कट्टे और ताकतवर हैं। और फिर है सबसे छोटा बेटा—हेरोल्ड (Harold Lloyd), जो कमजोर कद-काठी का, चश्मा पहने एक साधारण युवक है ।

हेरोल्ड हमेशा अपने पिता और भाइयों की छाया में जीता है। जब भी कोई जरूरी काम होता है, उसे नजरअंदाज कर दिया जाता है । उसे “बच्चा” समझा जाता है, भले ही वह जवान हो चुका है। उसके पिता का प्यार और सम्मान पाने की चाहत उसके दिल में हमेशा बनी रहती है।

एक दिन गांव में एक भटकता हुआ मेडिसिन शो (Traveling Medicine Show) आता है—एक नाटकीय मंडली जो नकली दवाइयां बेचती है और मनोरंजन करती है । इस मंडली के साथ आती है खूबसूरत मैरी (Jobyna Ralston), जिसे देखते ही हेरोल्ड का दिल उस पर आ जाता है ।

लेकिन मंडली के साथ कुछ खलनायक भी हैं—ताकतवर और खतरनाक सैंडोनी (Constantine Romanoff) और उसके साथी । वे गांव के पैसे चुरा लेते हैं, जो शेरिफ हिकरी के पास सुरक्षित थे । चोरी का इल्जाम हिकरी परिवार पर आता है। अब हेरोल्ड के सामने मौका है—अपने पिता का नाम बचाने का, अपनी प्रेमिका की रक्षा करने का, और सबको यह साबित करने का कि वह भी काबिल है ।

मुख्य कलाकार: चेहरों की भाषा बोलने वाले सितारे

मूक फिल्मों में अभिनय का मतलब होता है बिना शब्दों के पूरा संवाद पहुंचाना। “द किड ब्रदर” के कलाकार इस कला में पारंगत थे।

हेरोल्ड लॉयड (हैरोल्ड हिकरी)

हेरोल्ड लॉयड का स्क्रीन पर्सना (Screen Persona) चैपलिन और कीटन से थोड़ा अलग था। वह कोई आवारा (Tramp) नहीं था, न ही कोई पत्थर-चेहरा (Stone-Faced) स्टंटमैन। वह था—एक आम अमेरिकी लड़का (Average American Boy) । चश्मा उनकी पहचान थी, जो उन्हें बौद्धिक लेकिन कमजोर छवि देता था ।

“द किड ब्रदर” में उनका किरदार बेहद संवेदनशील है। शुरुआत में जब वह अपने पिता और भाइयों के सामने सिकुड़ जाता है, तो दर्शक का दिल उसके लिए पसीज जाता है। लेकिन जैसे-जैसे कहानी आगे बढ़ती है, उसका आत्मविश्वास बढ़ता है। लॉयड ने इस बदलाव को बखूबी दिखाया है। एक समीक्षक के शब्दों में, “उनका अभिनय प्रशंसा से परे है” (His acting is beyond praise).

जोबाइना राल्स्टन (मैरी)

जोबाइना राल्स्टन उस दौर की मशहूर अभिनेत्री थीं, जिन्होंने लॉयड के साथ कई फिल्मों में काम किया । “द फ्रेशमैन” (The Freshman) में भी वह उनकी नायिका थीं । राल्स्टन का चेहरा एकदम मासूमियत और स्नेह से भरा हुआ है। फिल्म के सबसे रोमांटिक दृश्यों में से एक में, जब हेरोल्ड पेड़ पर चढ़कर उसे विदा करता है, तो राल्स्टन के चेहरे का भाव अविस्मरणीय है । दिलचस्प बात यह है कि बाद में उन्होंने “विंग्स” (Wings) में भी काम किया, जिसने पहला सर्वश्रेष्ठ फिल्म का ऑस्कर जीता ।

कॉन्स्टेंटाइन रोमानॉफ (सैंडोनी)

अगर फिल्म में कोई खलनायक है जो आपको डराता है, तो वह है कॉन्स्टेंटाइन रोमानॉफ का किरदार । उनका विशाल कद, गंजा सिर और खूंखार चेहरा—ऐसा लगता है मानो वह किसी डरावनी फिल्म (Horror Film) से निकलकर इस कॉमेडी में आ गए हों । क्राइटेरियन कलेक्शन (Criterion Collection) के विश्लेषण के अनुसार, रोमानॉफ का किरदार इतना खतरनाक है कि वह फिल्म में एक अलग ही तरह का तनाव पैदा करता है । उसके साथ आखिरी मुठभेड़ में हेरोल्ड को अपनी सारी समझदारी और चालाकी का इस्तेमाल करना पड़ता है।

सहायक कलाकार

फिल्म में हेरोल्ड के बड़े भाइयों की भूमिका भी कॉमेडी का अहम हिस्सा है। वे बाहर से ताकतवर हैं लेकिन अंदर से काफी भोले हैं। एक दृश्य में, जब हेरोल्ड रात में मैरी को घर ले आता है, तो उसके भाई नाइटगाउन (Nightgown) में छिपने की कोशिश करते हैं—यह दृश्य हंसी से लोटपोट कर देने वाला है । और फिर अगली सुबह जब वे मैरी को इंप्रेस करने की कोशिश करते हैं, यह सोचकर कि वह अभी भी वहीं है, जबकि वह जा चुकी होती है, तो कॉमेडी अपने चरम पर पहुंच जाती है ।

निर्देशन और सिनेमैटोग्राफी: कैमरे का जादू

“द किड ब्रदर” के निर्देशन का श्रेय तीन लोगों को दिया जाता है: फ्रेड न्यूमेयर (Fred Newmeyer), सैम टेलर (Sam Taylor), और खुद हेरोल्ड लॉयड । इस तिकड़ी ने मिलकर एक ऐसी फिल्म बनाई जो हर फ्रेम में कलात्मकता से भरी है।

अभूतपूर्व कैमरा वर्क

फिल्म की सिनेमैटोग्राफी उस दौर के हिसाब से क्रांतिकारी थी। सबसे मशहूर दृश्य है—पेड़ पर चढ़ने वाला सीन (Tree Climbing Scene)। जब मैरी पहाड़ी से नीचे उतरकर जा रही होती है, तो हेरोल्ड उसे और देखने के लिए पेड़ पर चढ़ता जाता है । कैमरा भी उसके साथ-साथ ऊपर चढ़ता है, जो दर्शकों को एक अलग ही अनुभव देता है।

इस शॉट को फिल्माने के लिए एक खास तरह का एलिवेटर (Camera Elevator) बनाया गया था । यह पहली बार था जब इतनी जटिल व्यवस्था सिर्फ एक शॉट के लिए की गई थी । नतीजा? एक ऐसा रोमांटिक दृश्य जो आज भी उतना ही ताजा है जितना 1927 में रहा होगा। एक समीक्षक ने लिखा, “शुद्ध रूमानियत की बात करें, तो मूक फिल्मों में शायद ही कोई दृश्य इससे बेहतर हो” ।

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प्रकाश और छाया का खेल

क्राइटेरियन कलेक्शन के डेविड केयर्न्स (David Cairns) ने फिल्म के एक दृश्य का गहन विश्लेषण किया है—जहाज पर लड़ाई वाला सीक्वेंस (Shipboard Fight Sequence) । यह सीक्वेंस देखने में जितना रोमांचक है, उतना ही डरावना भी। जिस परित्यक्त जहाज (Abandoned Ship) पर यह लड़ाई होती है, वह टेढ़ा (Tilted) है, जिससे हर हरकत और मुश्किल हो जाती है ।

इस सीक्वेंस में रोशनी और छाया (Light and Shadow) का इस्तेमाल बेहद सोच-समझकर किया गया है। गहरी परछाइयाँ, अंधेरे कोने, और अचानक सामने आता खलनायक—यह सब मिलकर एक ऐसा माहौल बनाते हैं जो आपको सीट से बांधे रखता है । यह कॉमेडी और हॉरर का दुर्लभ मिश्रण (Rare Blend of Comedy and Horror) है, जो शायद ही कहीं और देखने को मिले ।

बंदर का कमाल

इस सीक्वेंस में एक और किरदार है जो दर्शकों का दिल जीत लेता है—नाविक की वर्दी में एक बंदर (Monkey in a Sailor Suit) । यह बंदर हेरोल्ड की मदद करता है और कई गैग्स का केंद्र बनता है। एक समीक्षक ने मजाक में कहा, “बंदर ने तो पूरा शो चुरा लिया” । यह बंदर सिर्फ कॉमेडी का जरिया नहीं है, बल्कि कहानी में भी अहम भूमिका निभाता है। एक दृश्य में वह खलनायक के जूते चुराकर हेरोल्ड को बचाता है, जो शानदार है ।

समीक्षा: क्यों देखनी चाहिए यह फिल्म?

“द किड ब्रदर” को देखने के बाद सबसे पहला एहसास होता है—यह फिल्म समय से आगे थी (Ahead of Its Time)

क्या अच्छा है:

कहानी और भावना: फिल्म की कहानी सिर्फ गैग्स का जोड़ नहीं है। हर गैग किरदारों के विकास (Character Development) का हिस्सा है । हेरोल्ड का अपने पिता से प्यार, मैरी के लिए उसका दिल, और खुद को साबित करने की जिद—यह सब इतनी सादगी से दिखाया गया है कि दर्शक बिना किसी संवाद के सब कुछ महसूस कर लेता है।

गैग्स की विविधता: फिल्म में हंसी के कई रंग हैं। कभी स्लैपस्टिक (Slapstick) है, कभी सूक्ष्म हास्य (Subtle Humor) है। एक दृश्य में हेरोल्ड एक यार्ड से गुजरना चाहता है जहां एक खूंखार कुत्ता है। वह क्या करता है? वह एक बिल्ली निकालता है और उसे बाड़ पर रख देता है ताकि कुत्ता बिल्ली को भौंकने में व्यस्त हो जाए । यह सोचने का तरीका कितना अनोखा है!

एक्शन और रोमांच: फिल्म का अंतिम 20-30 मिनट एक्शन से भरपूर है । परित्यक्त जहाज पर हेरोल्ड और खलनायक के बीच लड़ाई, भागती हुई घोड़ागाड़ी (Wagon), और वह बंदर—यह सब मिलकर इसे एक एडवेंचर थ्रिलर (Adventure Thriller) का रूप दे देते हैं ।

हृदयस्पर्शी रोमांस: हेरोल्ड और मैरी के बीच का रोमांस बेहद मासूम और प्यारा है। पेड़ वाला दृश्य हो या किचन में वह दृश्य जहां हेरोल्ड उसे स्टीरियोस्कोप (Stereoscope—एक तस्वीर देखने का पुराना यंत्र) दिखाता है—हर दृश्य में एक अलग ही मिठास है ।

क्या कमजोर है:

धीमी शुरुआत: कुछ दर्शकों को फिल्म की शुरुआत थोड़ी धीमी लग सकती है। पहले 20-30 मिनट में कहानी को स्थापित किया जाता है, जो आज के तेज रफ्तार सिनेमा के आदी दर्शकों को कम रोमांचक लग सकता है ।

टाइटल कार्ड्स का ज्यादा इस्तेमाल: मूक फिल्मों में संवाद दिखाने के लिए टाइटल कार्ड्स (Title Cards) का इस्तेमाल होता था। कुछ समीक्षकों का मानना है कि इस फिल्म में टाइटल कार्ड्स थोड़े ज्यादा हैं, जो एक्शन के प्रवाह (Flow) को बीच-बीच में तोड़ते हैं ।

सबके लिए नहीं: यह फिल्म हर किसी को पसंद नहीं आ सकती। जो लोग आधुनिक कॉमेडी के आदी हैं, उन्हें यह पुरानी और बोरिंग लग सकती है । लेकिन जो लोग सिनेमा के इतिहास में रुचि रखते हैं या मूक फिल्मों के शौकीन हैं, उनके लिए यह एक अमूल्य रत्न (Invaluable Gem) है।

तुलना: चैपलिन और कीटन के बीच हेरोल्ड लॉयड

अक्सर मूक सिनेमा की चर्चा में चैपलिन और कीटन का नाम लिया जाता है, और लॉयड को भुला दिया जाता है। लेकिन “द किड ब्रदर” इस धारणा को तोड़ता है।

चैपलिन भावना (Pathos) के सम्राट थे। उनकी फिल्में दिल को छू लेने वाली होती थीं, लेकिन कॉमेडी में अक्सर उदासी का पुट होता था।

कीटन स्टंट के बादशाह थे। उनकी फिल्में जटिल स्टंट और शानदार फिल्मांकन (Filmmaking) का उदाहरण थीं, लेकिन उनका चेहरा हमेशा पत्थर जैसा रहता था ।

लॉयड इन दोनों के बीच का सेतु (Bridge) था। उनकी फिल्मों में चैपलिन जैसी भावना भी थी और कीटन जैसे शानदार स्टंट भी। लेकिन सबसे बड़ी बात, उनका किरदार एक आम आदमी का था—हम में से कोई। यही वजह है कि दर्शक उनसे जुड़ जाते थे ।

“द किड ब्रदर” में यह सब कुछ है। भावना है (पिता का प्यार पाने की चाहत), शानदार स्टंट हैं (जहाज पर लड़ाई), और एक ऐसा नायक है जिसकी जड़ें जमीन से जुड़ी हैं। एक समीक्षक ने बिल्कुल सही कहा, “मैंने हमेशा सोचा कि लॉयड कीटन के स्तर पर नहीं हैं। यह फिल्म देखने के बाद मेरी राय बदल गई” ।

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फिल्म की विरासत: क्यों आज भी प्रासंगिक है ‘द किड ब्रदर’

लगभग 100 साल पुरानी इस फिल्म को आज भी याद किए जाने की कई वजहें हैं।

1001 फिल्मों की सूची में शामिल: यह फिल्म “1001 फिल्म्स यू मस्ट सी बिफोर यू डाई” (1001 Movies You Must See Before You Die) की प्रतिष्ठित सूची में शामिल है । यह इस बात का प्रमाण है कि फिल्म समीक्षक और इतिहासकार इसे कितना महत्वपूर्ण मानते हैं।

क्राइटेरियन कलेक्शन: फिल्म को क्राइटेरियन कलेक्शन (Criterion Collection) द्वारा ब्लू-रे (Blu-ray) पर रिलीज किया गया है, जो आमतौर पर सिनेमा की सबसे महत्वपूर्ण और प्रभावशाली फिल्मों के लिए ही होता है । क्राइटेरियन ने इसे हेरोल्ड लॉयड की सर्वश्रेष्ठ फिल्मों में सबसे ऊपर रखा है ।

लॉयड की खुद की पसंद: हेरोल्ड लॉयड ने खुद इस फिल्म को अपनी निजी पसंदीदा फिल्म बताया था । एक कलाकार के लिए अपनी ही किसी कृति को सबसे ज्यादा पसंद करना, यह बताता है कि इस फिल्म को बनाने में उनका कितना दिल लगा था।

प्रेरणा का स्रोत: फिल्म के कई दृश्य, खासकर जहाज पर लड़ाई वाला दृश्य, बाद में कई फिल्मों के लिए प्रेरणा बने। यह दिखाता है कि कैसे एक छोटा और कमजोर इंसान भी अपनी बुद्धि और चालाकी से बड़े से बड़े खलनायक को हरा सकता है।

निष्कर्ष: एक अमर कृति

“द किड ब्रदर” सिर्फ एक फिल्म नहीं है, यह सिनेमा के उस स्वर्णिम युग का एक जीवंत दस्तावेज है जब फिल्मकार सीमित संसाधनों में भी अनंत संभावनाएं तलाश रहे थे। यह फिल्म हमें याद दिलाती है कि अच्छी कहानी कहने के लिए आवाज की जरूरत नहीं होती, बस दिल की जरूरत होती है।

हेरोल्ड लॉयड का यह किरदार हर उस इंसान की कहानी है जिसने कभी खुद को कमतर महसूस किया हो, जिसे कभी उसके अपनों ने नजरअंदाज किया हो, और जिसने एक दिन उठकर दुनिया को दिखा दिया कि वह किस मिट्टी का बना है। यह एक सार्वभौमिक कहानी (Universal Story) है, जो आज भी उतनी ही प्रासंगिक है जितनी 1927 में थी।

अगर आप मूक सिनेमा के शौकीन हैं, या अगर आप सिर्फ एक अच्छी, दिल को छू लेने वाली और हंसी से भरपूर कहानी देखना चाहते हैं, तो “द किड ब्रदर” आपके लिए एक बेहतरीन विकल्प है। यह उन भूली-बिसरी फिल्मों (Forgotten Gems) में से है, जिन्हें एक बार देखने के बाद आप कभी नहीं भूलेंगे। और हाँ, उस बंदर को देखना मत भूलिएगा—वह सच में शो चुरा लेता है!

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