मर्लिन मुनरो की 5 बेहतरीन फ़िल्में, जिन्होंने दुनिया को उनकी एक्टिंग का कायल बना दिया

मर्लिन मुनरो

सफ़ेद ड्रेस, हवा में उड़ता घेरा और शरारत भरी मुस्कान। मर्लिन मुनरो का नाम आते ही ज़्यादातर लोगों को यही तस्वीर याद आती है। पर एक अभिनेत्री को उसकी एक तस्वीर से तौल देना वैसा ही है, जैसे किसी गायक को सिर्फ़ उसके एक हिट गाने से पहचान लेना। पर्दे पर मर्लिन कभी ठंडे दिमाग़ से साज़िश रचने वाली औरत बनीं, कभी हीरों पर जान छिड़कने वाली तेज़-तर्रार गायिका, और कभी एक थकी-हारी लड़की, जो बस थोड़ी इज़्ज़त और सच्चा प्यार चाहती है।

इस साल 1 जून को मर्लिन के जन्म को पूरे 100 साल हो गए। उनका जन्म 1 जून 1926 को लॉस एंजेलेस में हुआ था, और 1962 में सिर्फ़ 36 की उम्र में वे इस दुनिया से चली गईं। करियर छोटा था, फिर भी उनकी फ़िल्में आज भी उतने ही चाव से देखी जाती हैं।

अगर आप मर्लिन मुनरो की फ़िल्में पहली बार देखने बैठ रहे हैं, या बरसों बाद उनकी तरफ़ लौट रहे हैं, तो ये पाँच फ़िल्में सबसे अच्छी शुरुआत हैं। हर फ़िल्म के साथ मैंने निर्देशक, मर्लिन का किरदार, एक ऐसा सीन जिसमें उनकी एक्टिंग साफ़ दिखती है, और उसे देखने की वजह लिखी है।

मर्लिन मुनरो के 100 साल पूरे हुए

नॉर्मा जीन से मर्लिन तक

मर्लिन का असली नाम नॉर्मा जीन मॉर्टेनसन था। बचपन का बड़ा हिस्सा उन्होंने पालक घरों और रिश्तेदारों के बीच काटा। फ़िल्मों में शुरुआती सालों में उन्हें छोटे-छोटे रोल मिले, जिन पर शायद ही किसी की नज़र जाती थी।

साल 1953 ने सब कुछ बदल दिया। उस एक साल में उनकी तीन बड़ी फ़िल्में आईं, जिनमें से दो नीचे की सूची में हैं, और उनका नाम पोस्टर पर सबसे ऊपर छपने लगा। उसके बाद उन्होंने ख़ुद को सिर्फ़ “ग्लैमर गर्ल” के खाँचे से बाहर निकालने की भी पूरी कोशिश की। उसकी झलक आपको चौथी फ़िल्म में मिलेगी।

1. Niagara (1953): जब मर्लिन ने खलनायिका बनकर चौंकाया

निर्देशक: हेनरी हैथवे

मर्लिन का किरदार: रोज़ लूमिस, एक ख़ूबसूरत पर ख़तरनाक औरत, जो अपने प्रेमी के साथ मिलकर पति जॉर्ज (जोसेफ़ कॉटन) को रास्ते से हटाने की योजना बनाती है।

नियाग्रा फ़ॉल्स की गर्जना के बीच घटती यह कहानी उस दौर की ज़्यादातर थ्रिलर फ़िल्मों से अलग इसलिए थी कि इसे रंगीन टेक्नीकलर में शूट किया गया था। और पहली बार पोस्टर पर मर्लिन का नाम सबसे ऊपर था।

वह सीन: फ़िल्म का सबसे मशहूर पल वह है, जब रोज़ पीठ कैमरे की तरफ़ किए सड़क पर चलती जाती है। कैमरा बस उसे देखता रहता है। बताया जाता है कि इस एक शॉट में क़रीब 116 फ़ीट की फ़िल्म लगी, जिसे सिनेमा की “सबसे लंबी वॉक” कहा गया। एक और सीन भी याद रखिए। पार्टी में रोज़ अपना पसंदीदा गाना “Kiss” बजवाती है, और जॉर्ज ग़ुस्से में आकर वह रेकॉर्ड तोड़ देता है। रोज़ की आँखों में उस पल जो ठंडक दिखती है, वही बता देती है कि वह कितनी गहरी चाल चल रही है।

क्यों देखें: अगर आपको लगता है कि मर्लिन सिर्फ़ हँसाने और लुभाने वाले रोल कर सकती थीं, तो यह फ़िल्म आपकी राय बदल देगी। यहाँ वे पूरी तरह नकारात्मक किरदार में हैं, और बिना ज़्यादा बोले डर पैदा कर देती हैं।

2. Gentlemen Prefer Blondes (1953): हीरे और हँसी का जादू

निर्देशक: हॉवर्ड हॉक्स

मर्लिन का किरदार: लोरेलाई ली, एक गायिका, जिसे अमीर पति की तलाश है। उसकी पक्की सहेली डोरोथी शॉ का रोल जेन रसेल ने किया था।

ऊपर से लोरेलाई बेवक़ूफ़ और भोली-सी लगती है। पर जैसे-जैसे कहानी बढ़ती है, पता चलता है कि वह अपने आस-पास के सारे मर्दों से कई क़दम आगे सोचती है। मर्लिन इस दोहरेपन को इतनी हल्की मुस्कान के साथ निभाती हैं कि दर्शक भी कुछ देर धोखा खा जाते हैं।

वह सीन: गाना “Diamonds Are a Girl’s Best Friend”, जिसमें मर्लिन गुलाबी साटन की ड्रेस पहने काले सूट वाले मर्दों के बीच नाचती-गाती है। यह सीन अब इतनी बार दोहराया जा चुका है कि पैरोडी भी असली पर भारी पड़ने लगी है। लेकिन उसे मूल रूप में देखिए। उनकी आँखों की चंचलता, गाने की लय पर होंठों का खेल और कैमरे की तरफ़ ज़रा-सा झुकना, सब सोच-समझकर किया हुआ लगता है।

क्यों देखें: कॉमिक टाइमिंग देखनी हो तो यह सबसे अच्छी जगह है। यह म्यूज़िकल ऐसा है जिसे आप पूरे परिवार के साथ भी देख सकते हैं।

 

5 बेहतरीन फ़िल्में

3. The Seven Year Itch (1955): एक सीन जो इतिहास बन गया

निर्देशक: बिली वाइल्डर

मर्लिन का किरदार: “द गर्ल”, जिसका नाम फ़िल्म में कभी नहीं बताया जाता। वह एक मॉडल-अभिनेत्री है, जो गर्मियों में अपने फ़्लैट के ऊपर रहने के लिए आती है। नीचे रहने वाले रिचर्ड शर्मन (टॉम इवेल) की पत्नी और बेटा छुट्टियों पर गए हैं, और रिचर्ड की कल्पनाएँ बेलगाम होने लगती हैं।

हम सब मर्लिन की उस मशहूर तस्वीर को जानते हैं, पर बहुत कम लोग फ़िल्म में उसका संदर्भ देखते हैं।

वह सीन: सबवे ग्रेट के ऊपर खड़ी मर्लिन की सफ़ेद हॉल्टर ड्रेस नीचे से आती हवा में उड़ती है, और वे हँसकर कहती हैं कि यह कितना सुखद है। इसकी शुरुआती शूटिंग न्यूयॉर्क की सड़क पर भीड़ के सामने हुई थी, पर शोर बहुत ज़्यादा होने की वजह से इसे बाद में स्टूडियो में दोबारा फ़िल्माना पड़ा। ग़ौर कीजिए कि मर्लिन उस पल में बनावटी नहीं लगती। उनकी हँसी में बच्चों जैसा आनंद है, और यही मासूमियत उस सीन को अश्लील होने से बचा लेती है।

क्यों देखें: यह फ़िल्म बिली वाइल्डर की तेज़ ज़बान और मर्लिन के निश्छल अंदाज़ का मेल है। एक हल्की-फुल्की शाम के लिए बिल्कुल सही।

4. Bus Stop (1956): जब मर्लिन ने ख़ुद को साबित किया

निर्देशक: जोशुआ लोगन

मर्लिन का किरदार: चेरी, एक छोटे से कैफ़े की गायिका, जो हॉलीवुड जाने का सपना देखती है। उसके पीछे पड़ा है मोंटाना का एक अल्हड़ काउबॉय बो डेकर (डॉन मर्रे), जो मानता है कि चेरी से शादी करना उसका हक़ है।

यह वह दौर था जब मर्लिन न्यूयॉर्क जाकर ऐक्टर्स स्टूडियो में अभिनय सीख रही थीं और अपनी प्रोडक्शन कंपनी भी शुरू कर चुकी थीं। वे बताना चाहती थीं कि वे सिर्फ़ ख़ूबसूरत चेहरा नहीं हैं। बस स्टॉप उसी जिद का नतीजा था।

वह सीन: कैफ़े में चेरी “That Old Black Magic” गाती है। यहाँ मर्लिन ने जानबूझकर चेरी को बेसुरी, थकी और असुरक्षित दिखाया। चेहरे पर हल्का पीला मेकअप, बिखरे-से बाल, और गाते हुए बार-बार कमज़ोर पड़ती आवाज़। चमक-दमक वाली मर्लिन यहाँ कहीं नहीं दिखती। एक ऐसी औरत दिखती है, जो पहले ही हार मान चुकी है, पर सपना छोड़ने को तैयार नहीं है।

क्यों देखें: अगर आप जानना चाहते हैं कि मर्लिन मुनरो की एक्टिंग में असल गहराई कहाँ है, तो यह फ़िल्म देखिए। यह उनका सबसे ईमानदार और संयमित अभिनय है।

5. Some Like It Hot (1959): सबसे बड़ी कॉमेडी की जान

निर्देशक: बिली वाइल्डर

मर्लिन का किरदार: शुगर केन कोवालचिक, एक ऑल-गर्ल बैंड की यूकूलेले बजाने वाली गायिका। कहानी 1929 के शिकागो की है। दो बेरोज़गार संगीतकार (टोनी कर्टिस और जैक लेमन) गैंगस्टरों से बचने के लिए औरतों का भेस बनाकर इसी बैंड में घुस जाते हैं और फ़्लोरिडा पहुँच जाते हैं।

वह सीन: शुगर का वह दर्द भरा संवाद, जिसमें वह कहती है कि ज़िंदगी में उसे हमेशा लॉलीपॉप का “फ़ज़ी एंड” ही मिलता है, यानी बुरा हिस्सा। हँसी के बीच अचानक इतनी सच्ची उदासी आ जाती है कि सीन थम जाता है। इसके अलावा उनका गाना “I Wanna Be Loved by You” भी देखिए, जहाँ स्पॉटलाइट में पारदर्शी-सी ड्रेस पहनकर वे हर किसी को मंत्रमुग्ध कर देती हैं।

मर्लिन मुनरो की फ़िल्में

इस रोल के लिए मर्लिन ने गोल्डन ग्लोब में सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री (म्यूज़िकल या कॉमेडी) का पुरस्कार जीता। फ़िल्म ब्लैक एंड व्हाइट में बनी, क्योंकि वाइल्डर को डर था कि रंगीन फ़िल्म में टोनी और जैक का मेकअप बनावटी लगेगा। 1998 में अमेरिकन फ़िल्म इंस्टीट्यूट की “100 Years…100 Laughs” सूची में इसे नंबर एक कॉमेडी चुना गया।

क्यों देखें: अगर आप सिर्फ़ एक मर्लिन मुनरो की फ़िल्म देखने वाले हैं, तो यही देखिए। इसमें कॉमेडी भी है, गाने भी हैं, दर्द भी, और आख़िरी संवाद पर हँसते-हँसते आप कुर्सी से गिर सकते हैं।

कौन-सी फ़िल्म पहले देखें?

अगर समय कम है तो इस क्रम से चलिए। सबसे पहले Some Like It Hot, ताकि आप समझ सकें कि मर्लिन को इतना पसंद क्यों किया जाता है। उसके बाद Bus Stop, जिसमें उनकी असली अभिनय-क्षमता दिखती है। फिर Niagara, अगर आपको थ्रिलर और ड्रामा पसंद है। और जब मूड हल्का हो, तब Gentlemen Prefer Blondes और The Seven Year Itch.

मर्लिन के 100 साल पूरे होने के बाद भी उनकी कहानी इसीलिए ज़िंदा है कि वे सिर्फ़ चेहरा नहीं थीं। उन्होंने हर रोल में कुछ अपना डाला, कभी चुलबुलापन, कभी दर्द, कभी चालाकी। ये पाँच फ़िल्में उसी का सबूत हैं। आपकी पसंदीदा कौन-सी है? कमेंट में ज़रूर बताइए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *