कभी सोचा है? आखिरी सीन खत्म होता है, थिएटर की लाइट्स जलती हैं, और आप उठकर चलने लगते हैं… पर मन में एक खलिश सी […]
Category: Behind the Scenes
स्पॉटबॉय की नज़र से पूरी फ़िल्म
हर किसी की नजर में फिल्म सिर्फ एक मनोरंजन का माध्यम है — कहीं रोना, कहीं हँसी, कहीं रोमांच और कहीं सपनों की दुनिया। बड़े […]
स्टारडम से पहले का संघर्ष – मेकअप रूम की कहानियाँ
हर चमकदमक के पीछे एक अनदेखी और अनकही कहानी होती है – वह कहानी, जो आमतौर पर लाइमलाइट से कोसों दूर होती है। जैसे ही […]
वो एक रिटेक जो पूरी कहानी बदल देता है
जीवन की राहें आसान नहीं होतीं। अक्सर हम मेहनत करते हैं, जी-जान लगाते हैं, लेकिन परिणाम हमारे मन मुताबिक नहीं मिलता। ऐसी कई कहानियाँ सुनी […]
स्पेशल इफेक्ट्स के शुरुआती प्रयोग: जब जादू बनता था हाथों से, पिक्सल्स नहीं!
आज जब हम ‘अवतार’ में नीले नावी जाति को पंडोरा के जंगलों में उड़ते देखते हैं, या ‘जंगल बुक’ में मोगली को जानवरों से बात […]
ग्लैमर से परे: जब हॉलीवुड के सुनहरे सितारों की रोशनी में दिखी अकेलेपन की परछाइयाँ
सोचिए एक पल। 1950 का दशक। एक विशाल सिनेमा हॉल। पर्दे पर क्लार्क गेबल अपनी विद्युत चुम्बकीय मुस्कान बिखेर रहे हैं। ग्रेटा गार्बो की आँखों […]
क्लासिक जोड़ी: ऑनस्क्रीन रोमांस और ऑफस्क्रीन हकीकत
हम सबने देखा है वो पल। सिनेमा हॉल की अँधेरी कोख में, टीवी स्क्रीन की रोशनी में, या फिर मोबाइल की छोटी सी दुनिया में। […]
1930s में फिल्मों की शूटिंग कैसे होती थी?
सुबह के चार बजे। बंबई के दादर इलाके में एक मकान के बाहर बैलगाड़ी रुकी। ड्राइवर ने ढेर सारे लकड़ी के डिब्बे उतारे—कुछ में बल्ब […]
पर्दे के पीछे का जादू: बॉलीवुड की अनकही कहानियाँ
1930s… का वो दशक, जब बॉलीवुड “बॉलीवुड” नहीं, “हिंदी सिनेमा” था। चमक-दमक नहीं, संघर्ष था। पर्दे पर जादू दिखता था, पीछे पसीना बहता था। कैमरे […]