“क्या आपने वो फ़िल्म देखी है जिसने आज़ाद कोरिया के पहले सपने को परदे पर उतारा? — Viva Freedom! (1946) रिव्यू”
वो एक लम्हा जब कोरिया ने पहली बार खुलकर सांस ली कल्पना कीजिए — 35 साल की गुलामी। 35 साल…
Movie Reviews – Connect to Life
वो एक लम्हा जब कोरिया ने पहली बार खुलकर सांस ली कल्पना कीजिए — 35 साल की गुलामी। 35 साल…
रात के बारह बज रहे हैं। पूरा घर सन्नाटे में डूबा है, बाहर सड़क पर कभी-कभार कोई गाड़ी गुज़रती है…
क्या आप कभी उस सिनेमाघर में बैठे हैं जहाँ लाइट बुझते ही पर्दे पर एक दुनिया जागती है? ये जो…
रविवार की रात है, आप पूरे हफ्ते की थकान उतारने के लिए Netflix खोलकर बैठे हैं। स्क्रीन पर एक तरफ…
कभी-कभी जब रात के सन्नाटे में रेडियो पर अचानक “लग जा गले” की धुन बजती है या टीवी पर “शोले”…
सन 1935, ब्रिटिश सिनेमा अपने पैर जमाने की कोशिश कर रहा था, और हॉलीवुड का जादू दुनिया भर पर छाया…
कल रात की बात है। मेरे एक दोस्त ने, जो खुद को ‘जेन-ज़ी सिनेफाइल’ कहता है, मुझसे पूछा, “यार तुम…
क्या आपने कभी सोचा है कि एक ऐसी धुंध (fog) जो लंदन की सड़कों को सफेद चादर से ढक देती…
क्या कोई फिल्म एक साथ इतनी शांत और इतनी तूफानी हो सकती है? क्या एक बूढ़ा अभिनेता, एक ईर्ष्यालु प्रेमिका,…
क्या किसी औरत का बदला सिर्फ उसके जीवन तक सीमित होता है, या वह मौत के बाद भी जारी रह…