क्या आप जानते हैं कि एक समय था जब सिनेमा में कोई आवाज नहीं होती थी? लोग सिर्फ मूक फिल्में देखते थे, जहाँ सिर्फ चित्र […]
Category: Films
गुमशुदा बेटे की तलाश: “आखिरी खत” का दिल छू लेने वाला सफर
1966 में रिलीज हुई “आखिरी खत” एक महत्वपूर्ण बॉलीवुड फिल्म है जिसे चेतन आनंद ने निर्देशित किया था। यह फिल्म एक संवेदनशील कहानी है जिसमें […]
सिनेमा का जन्म: लुमीएर भाईयों की क्रांति
क्या आप जानते हैं कि फिल्मों की शुरुआत कैसे हुई? फिल्मों की दुनिया में लुई और ऑगस्टे लुमिएर का बहुत बड़ा योगदान है। ये दो […]
एक्सप्रेशंस इन मोशन – साइलेंट फिल्मों में अभिनय की कला
साइलेंट फिल्मों का युग सिनेमा के इतिहास में एक अद्वितीय और महत्वपूर्ण समय था। इस युग में अभिनेताओं को बिना संवाद के केवल शारीरिक हाव-भाव […]
फैंटासिया: जादूई संगीत और कार्टून का अनोखा मेल
1940 में रिलीज हुई डिज़्नी की एनिमेटेड फिल्म ‘फैंटासिया’ बच्चों और बड़ों दोनों के लिए एक अद्वितीय अनुभव है। यह फिल्म संगीत और एनीमेशन का […]
पति-पत्नी के बीच कचहरी का नाटक: एडम्स रिब का मजेदार रिव्यू
1949 में रिलीज हुई फिल्म ‘एडम्स रिब’ एक रोमांटिक कॉमेडी-ड्रामा है, जिसमें प्रमुख भूमिकाओं में कैथरीन हेपबर्न और स्पेंसर ट्रेसी नजर आते हैं। इस फिल्म […]
होउ याओ: चीन के स्वर्ण युग की मूक फिल्म आइकन
होउ याओ (Hou Yao) चीनी मूक फिल्म उद्योग के एक महत्वपूर्ण अभिनेता और निर्देशक थे। उनका योगदान न केवल अभिनय में बल्कि फिल्म निर्देशन और […]
अलख निरंजन (1981): गुजराती सिनेमा का एक भूला हुआ रत्न
अलख निरंजन 1981 में रिलीज़ हुई एक महत्वपूर्ण गुजराती फिल्म है, जो धार्मिक और सामाजिक मुद्दों को बड़े ही प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करती है। […]
हिंदी सिनेमा के इतिहास के 10 अग्रणी कैमरामैन
हिंदी सिनेमा के इतिहास में कई कैमरामैन ने अपनी कला और तकनीक से फिल्मों को जीवंत और दर्शनीय बनाया है। इनके योगदान से भारतीय सिनेमा […]
1934 का “ब्लैक कैट”: सफेद दीवारों पर काले राज़
1934 में रिलीज़ हुई “द ब्लैक कैट” हॉलीवुड की एक क्लासिक हॉरर फिल्म है। यह फिल्म अपने समय की सबसे प्रभावशाली और भयानक फिल्मों में […]