करुलिना करे – कन्नड़ सिनेमा के स्वर्णिम युग की एक पुरानी याद

1970 में रिलीज़ हुई “करुलिना करे” कन्नड़ सिनेमा की एक प्रमुख फिल्म है। इस फिल्म ने दर्शकों के दिलों में एक खास जगह बनाई और […]

1950 की फिल्म ‘निशाना’: बॉलीवुड की भूली-बिसरी धरोहर

1950 में रिलीज़ हुई बॉलीवुड फिल्म “निशाना” एक अद्वितीय क्लासिक है जिसे आज भी सिनेप्रेमियों द्वारा सराहा जाता है। इस फिल्म ने अपने समय में […]

ऑस्कर विजेता जोड़ी: “द अफ्रीकन क्वीन” का जादू की समीक्षा

“द अफ्रीकन क्वीन” (The African Queen) 1951 की एक क्लासिक फिल्म है, जो रोमांचक रोमांस और साहसिक यात्रा की कहानी है। इस फिल्म ने न […]

अनडेड ऑरिजिंस: जापान की अग्रणी हॉरर फिल्म “शिनिन नो सोसेई” की समीक्षा

जापान की फिल्म इंडस्ट्री हॉरर जॉनर में अपनी विशेष शैली और दृष्टिकोण के लिए जानी जाती है। “शिनिन नो सोसेई” (Shinin no Sosei) इस परंपरा […]

क्या बीते सालों का साया है ये? 1930 की ब्रिटिश फिल्म “आफ्टर मेनी इयर्स” की समीक्षा

“आफ्टर मेनी इयर्स” (After Many Years) 1930 की एक ब्रिटिश फिल्म है, जो अपने समय की कुछ महत्वपूर्ण फिल्मों में से एक मानी जाती है। […]

स्पेनिश सिनेमा का जन्म: “फाइट इन ए कैफे” की समीक्षा

स्पेनिश सिनेमा का इतिहास अनेक महत्वपूर्ण मोड़ों और घटनाओं से भरा हुआ है। इनकी शुरुआत “फाइट इन ए कैफे” (Un Pequeño Resumen de una Pelea […]

कैमरे की जुबानी कहानी: मूक सिनेमा का सिनेमाटोग्राफी

मूक सिनेमा (Silent Cinema) एक ऐसा युग था जब फिल्में बिना संवादों के बनाई जाती थीं, और दर्शकों तक कहानी पहुँचाने के लिए कैमरे की […]

कोरिया से शंघाई तक: मूक फिल्म स्टार जिन यान का उदय

जिन यान, जिन्हें “रुडोल्फ वेलेंटिनो ऑफ चाइना” के रूप में जाना जाता है, मूक फिल्म युग के सबसे चमकते सितारों में से एक थे। उनकी […]

शिंपा स्टेज से सिल्वर स्क्रीन तक: नोबुको फ़ुशिमी का जीवन

सुंदरता, प्रतिभा और शालीनता का पर्याय नोबुको फ़ुशिमी नाम ने जापानी सिनेमा पर एक अमिट छाप छोड़ी है। उनकी शुरुआती शुरुआत से लेकर उनके शानदार […]

जे. वी. सोमयाजुलु: टॉलीवुड सिनेमा के एक दिग्गज

टॉलीवुड में एक सम्मानित व्यक्ति जे. वी. सोमयाजुलु ने अपने शक्तिशाली प्रदर्शन और बहुमुखी अभिनय से तेलुगु फिल्म उद्योग पर एक अमिट छाप छोड़ी। “संकराभरणम” […]