पति-पत्नी के बीच कचहरी का नाटक: एडम्स रिब का मजेदार रिव्यू

1949 में रिलीज हुई फिल्म ‘एडम्स रिब’ एक रोमांटिक कॉमेडी-ड्रामा है, जिसमें प्रमुख भूमिकाओं में कैथरीन हेपबर्न और स्पेंसर ट्रेसी नजर आते हैं। इस फिल्म […]

होउ याओ: चीन के स्वर्ण युग की मूक फिल्म आइकन

होउ याओ (Hou Yao) चीनी मूक फिल्म उद्योग के एक महत्वपूर्ण अभिनेता और निर्देशक थे। उनका योगदान न केवल अभिनय में बल्कि फिल्म निर्देशन और […]

अलख निरंजन (1981): गुजराती सिनेमा का एक भूला हुआ रत्न

अलख निरंजन 1981 में रिलीज़ हुई एक महत्वपूर्ण गुजराती फिल्म है, जो धार्मिक और सामाजिक मुद्दों को बड़े ही प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करती है। […]

हिंदी सिनेमा के इतिहास के 10 अग्रणी कैमरामैन

हिंदी सिनेमा के इतिहास में कई कैमरामैन ने अपनी कला और तकनीक से फिल्मों को जीवंत और दर्शनीय बनाया है। इनके योगदान से भारतीय सिनेमा […]

1934 का “ब्लैक कैट”: सफेद दीवारों पर काले राज़

1934 में रिलीज़ हुई “द ब्लैक कैट” हॉलीवुड की एक क्लासिक हॉरर फिल्म है। यह फिल्म अपने समय की सबसे प्रभावशाली और भयानक फिल्मों में […]

47 रोनिन्स (47 Ronin) : एक वीर गाथा का सिनेमाई चित्रण

1941 में रिलीज़ हुई जापानी फिल्म ‘द 47 रोनिन’ एक ऐतिहासिक महाकाव्य है, जो जापानी संस्कृति, सम्मान और निष्ठा की गहन परंपराओं को प्रदर्शित करती […]

परदे पर ड्रैगन का सफर: चीनी सिनेमा का इतिहास

चीनी सिनेमा का इतिहास कई दशक पुराना है और यह एक विशाल सांस्कृतिक धरोहर का प्रतीक है। परदे पर ड्रैगन का सफर चीनी सिनेमा के […]

बिना आवाज के कहानी कहने के 10 माहिर निर्देशक

सिनेमा के शुरुआती दौर में संवाद और आवाज़ की तकनीक का अभाव था, लेकिन इसके बावजूद फिल्म निर्माताओं ने बिना आवाज के कहानी कहने की […]

किशोर नंदलास्कर: एक मराठी अभिनेता के जीवन का सफ़र

मराठी सिनेमा में बहुमुखी प्रतिभा और दिल को छू लेने वाले अभिनय के पर्याय किशोर नंदलास्कर ने इंडस्ट्री पर अपनी अमिट छाप छोड़ी है। यह […]

आवाज़ खामोश, सुरों का जादू: साइलेंट फिल्मों का संगीत

साइलेंट फिल्मों का संगीत एक ऐसा अद्भुत और अविस्मरणीय पहलू है, जिसने सिनेमा को एक नई दिशा दी है। यह वो दौर था जब आवाज़ […]