आर्सेनिक एंड ओल्ड लेस (1944): डार्क ह्यूमर का मास्टरपीस जो आज भी ज़हर का मज़ा देता है!

कल्पना कीजिए एक ऐसी दुनिया की, जहां सबसे मीठी मुस्कान वाली, चाय-बिस्कुट परोसने वाली, प्यारी बुजुर्ग चाचियाँ… एक सनसनीखे़ज़ राज़ छिपाए बैठी हों। वो राज़? […]

10 बेस्ट टॉलीवुड फिल्में: वो सिनेमा जिन्हें देखकर आपका दिल कहेगा ‘धन्यवाद टॉलीवुड

तेलुगु सिनेमा, यानी टॉलीवुड, सिर्फ “मसाला” और बड़े-बड़े सेट्स का नाम नहीं है। यह एक ऐसी दुनिया है जहाँ दिल को छू लेने वाली कहानियाँ, […]

ब्रिटेन का साइलेंट सिनेमा: वो दौर जब तस्वीरें बोलती थीं

1920 का दशक, लंदन के एक छोटे से थियेटर में अँधेरा छा गया। स्क्रीन पर सफेद-काले रंगों में एक नाव समुद्र की लहरों से टकरा […]

पुराने जमाने की फिल्मों से सीखें जिंदगी के 5 अनमोल पाठ

क्या आपको कभी लगता है कि आजकल की भागदौड़ भरी ज़िंदगी में कुछ खो सा गया है? वो सादगी, वो इंसानियत, वो दिल से जुड़ाव? […]

ग्रेगोरी पेक: हॉलीवुड के इस क्लासिक अभिनेता की जंग और जीत की कहानी

उस चेहरे को देखो, गहरी नज़रें जिनमें एक अजीब सा दर्द समाया है, मगर उसके ऊपर सवार एक अटूट इंसाफ पसंदी, जबड़े की रेखाएँ सख़्त, […]

जब तक फिल्म चुप थी, लोग दूर थे…जब बोली, सबके दिल से जुड़ गई!

सिनेमा हॉल का अँधेरा। चलचित्रों की रुपहली रोशनी। पर्दे पर चेहरे भाव बदल रहे हैं – हँस रहे हैं, रो रहे हैं, गुस्सा कर रहे […]

Late Spring: ओज़ू की वो फिल्म जो दिल के किसी कोने में घर कर जाती है

कल्पना कीजिए एक ऐसी फिल्म जिसमें कोई भीषण एक्शन नहीं, कोई जोरदार ड्रामा नहीं, कोई भावुक भाषण नहीं। बस जीवन है। रोज़मर्रा की साधारण सी […]

इन गानों को ना भूल पाये हम – ना भूल पायेगी Bollywood!

आंखें मूंदो। कान खोलो। क्या सुनाई देता है? शायद दूर से आती कोई सीटी… या फिर रेडियो पर बजता कोई पुराना सा सुर… और अचानक, […]

क्लासिक जोड़ी: ऑनस्क्रीन रोमांस और ऑफस्क्रीन हकीकत

हम सबने देखा है वो पल। सिनेमा हॉल की अँधेरी कोख में, टीवी स्क्रीन की रोशनी में, या फिर मोबाइल की छोटी सी दुनिया में। […]

साइलेंट फिल्मों का जादू: बिना आवाज़ के बोलता था मेकअप! जानिए कैसे बनते थे वो कालजयी किरदार

सोचिए, सिनेमा हॉल में अंधेरा होता है। सफेद पर्दे पर चलचित्र नाचने लगते हैं, लेकिन कोई आवाज़ नहीं होती। न डायलॉग, न बैकग्राउंड म्यूजिक का […]