1950 के दशक का हॉलीवुड: ‘सॉफ्ट फोकस’ लाइटिंग तकनीक जिसने सिनेमा को बदल दिया

कल्पना कीजिए, एक ऐसा दौर जब सिनेमा के पर्दे पर उतरती हर तस्वीर एक सपने जैसी लगती थी। चेहरे पर पड़ती रोशनी इतनी मुलायम होती […]

ब्लाइंड स्पॉट (1947): शराब के नशे में खोई याददाश्त और एक अनोखी हत्या की कहानी

क्या हो अगर आप नशे में धुत होकर एकदम सही हत्या की साजिश रच दें, और अगली सुबह उठें तो पाएं कि वह हत्या असल […]

द किड ब्रदर (1927): हेरोल्ड लॉयड की वह अमर कृति जिसने मूक सिनेमा को नई ऊंचाई दी

कल्पना कीजिए, एक ऐसा दौर जब सिनेमा में आवाज़ नहीं थी, सिर्फ हाव-भाव थे। एक ऐसा दौर जब हंसी के लिए संवादों की नहीं, बल्कि […]

चार्ली चैपलिन की ‘द ग्रेट डिक्टेटर’: जब कॉमेडी बनी तानाशाही के खिलाफ सबसे बड़ा हथियार

सिनेमा के इतिहास में ऐसी फिल्में बहुत कम बनी हैं जिन्होंने न सिर्फ मनोरंजन किया, बल्कि एक पूरे युग को चुनौती दे दी। ऐसी ही […]

हॉलीवुड का स्वर्ण युग: 1920 के दशक के प्रसिद्ध कलाकार और उनकी आइकॉनिक भूमिकाएँ

1920 का दशक हॉलीवुड के लिए वह समय था जब सिनेमा ने वाकई “ड्रीम फैक्ट्री” का रूप लेना शुरू किया और सितारों ने देवताओं जैसी […]

साइलेंट सिनेमा के मास्टर्स: चार्ली चैपलिन और बस्टर कीटन की प्रोडक्शन स्टाइल में छिपे राज़

साइलेंट सिनेमा की बात हो और चार्ली चैपलिन व बस्टर कीटन का नाम न आए, ऐसा लगभग नामुमकिन है। चैपलिन की इमोशनल कॉमेडी और कीटन […]

House on Haunted Hill 1959: विंसेंट प्राइस का वो डरावना महल जहाँ मौत एक ‘इनविटेशन’ थी | क्लासिक हॉरर रिव्यु

हैलो दोस्तों! आज हम एक ऐसी फिल्म की बात करने वाले हैं, जिसने सदी के मध्य में बैठे दर्शकों की रूह कंपा दी थी। वो […]

हॉलीवुड मूक फिल्मों से भारतीय सिनेमा ने क्या सीखा?

नमस्कार, कल्पना कीजिए कि आप सिनेमा हॉल में बैठे हैं। परदे पर कोई डायलॉग नहीं बोल रहा, कोई गाना नहीं गूँज रहा, सिर्फ़ एक पियानो […]

द ममीज़ कर्स (1944): हॉलीवुड के श्राप और सस्पेंस की क्लासिक कहानी

यक़ीन मानिए, अगर आपने कभी भी किसी पुरानी, धूल भरी अलमारी में रखे फिल्मी पोस्टरों को पलटा हो, तो आपकी नज़र ज़रूर उस तस्वीर पर […]

सनसेट बुलेवार्ड: हॉलीवुड के सड़े हुए सपनों का कब्रिस्तान

सोचिए एक ऐसी दुनिया जहाँ समय रुक गया हो। जहाँ हवा में चमकते सितारों की बजाय बस धूल भरी यादें हों। जहाँ शीशे हर पल […]