युमेको आइज़ोमे: 1930 के दशक की जापानी फिल्मों की विस्मृत नायिका

युमेको आइज़ोमे 1930 के दशक की उन जापानी अभिनेत्रियों में थीं जिनका चेहरा मूक फ़िल्मों के आख़िरी वर्षों और बोलती फ़िल्मों के शुरुआती दौर—दोनों पर […]

शी हुई: चीनी सिनेमा की वो दुखद सितारा जो आज भी चमकती है

नमस्कार दोस्तों! कल रात मैं एक पुरानी, ब्लैक एंड व्हाइट फिल्म देख रहा था – ‘द गॉडडेस’। स्क्रीन पर एक युवती अपने बच्चे के लिए […]

Kinuyo Tanaka: वह जापानी अभिनेत्री जिसने पर्दे के पीछे भी रचा इतिहास

जापानी सिनेमा की बात हो और केनजी मिज़ोगुची, यासुजिरो ओज़ू, अकीरा कुरोसावा जैसे दिग्गज निर्देशकों का नाम न आए, ऐसा हो ही नहीं सकता। लेकिन […]

तोशीरो मिफ्यून: जापानी सिनेमा का ज्वालामुखी जिसने दुनिया को झकझोरा

वो दृश्य याद कीजिए। बारिश में भीगता हुआ एक आदमी। चेहरे पर बेचैनी, आँखों में एक जंगली चमक, जैसे कोई पिंजरे में कैद शेर हो। […]

फर्नांडो रे: सिनेमा की वो गहरी आवाज़ जो कभी नहीं भूलती

कल्पना कीजिए एक आवाज़। ठहरी हुई, मख़मली, थोड़ी धुंधली सिगार के धुएं जैसी… जिसमें सैकड़ों साल के स्पेनिश इतिहास का भार, एक ख़ास किस्म की […]

ग्रेगोरी पेक: हॉलीवुड के इस क्लासिक अभिनेता की जंग और जीत की कहानी

उस चेहरे को देखो, गहरी नज़रें जिनमें एक अजीब सा दर्द समाया है, मगर उसके ऊपर सवार एक अटूट इंसाफ पसंदी, जबड़े की रेखाएँ सख़्त, […]

ग्लैमर से परे: जब हॉलीवुड के सुनहरे सितारों की रोशनी में दिखी अकेलेपन की परछाइयाँ

सोचिए एक पल। 1950 का दशक। एक विशाल सिनेमा हॉल। पर्दे पर क्लार्क गेबल अपनी विद्युत चुम्बकीय मुस्कान बिखेर रहे हैं। ग्रेटा गार्बो की आँखों […]

हॉलीवुड गोल्डन एरा से क्या सीख सकते हैं आज के कलाकार?

उस पुराने प्रोजेक्टर की खरखराहट याद है? वो ब्लैक एंड व्हाइट फिल्में जहां चेहरे के हर भाव को कैमरा पकड़ लेता था, जहां एक आँख […]

1950 के दशक की कोरियाई अभिनेत्रियाँ: सौंदर्य, संघर्ष और सिनेमा की सुनहरी यादें

सियोल की एक ठंडी शाम, 1954, एक खाली पड़े सिनेमा हॉल में एक युवती अपनी आँखों में आँसू छुपाते हुए पर्दे पर चल रहे दृश्य […]

हिदेको ताकामाइन: 1950 के दशक की जापानी सिनेमा की अमर अदाकारा

गर्मी की एक सुबह, टोक्यो की सड़कों पर चलते हुए, एक युवती ने स्टूडियो के गेट पर खड़े होकर सपने देखे होंगे। उसकी आँखों में […]