रस्सी, धुआं और आईने: साइलेंट फिल्मों के स्पेशल इफेक्ट्स के सीक्रेट जुगाड़
आज से करीब बीस-पच्चीस साल पहले की बात है। मुंबई के एक पुराने फिल्म आर्काइव में गहरी धूल दिख रही…
Movie Reviews – Connect to Life
आज से करीब बीस-पच्चीस साल पहले की बात है। मुंबई के एक पुराने फिल्म आर्काइव में गहरी धूल दिख रही…
क्लासिक भारतीय फिल्मों पर वर्षों से रिसर्च‑बेस्ड रिव्यू लिखते हुए “Raj Nartaki (1940)” हमेशा उन टाइटल्स में गिना गया है,…
क्लासिक वर्ल्ड सिनेमा पर कई सालों से लिखते हुए हमेशा यह महसूस हुआ है कि कुछ फिल्में “स्टोरी” से ज़्यादा…
1920 का दशक हॉलीवुड के लिए वह समय था जब सिनेमा ने वाकई “ड्रीम फैक्ट्री” का रूप लेना शुरू किया…
1930 के दशक में शंघाई सिर्फ़ एक बंदरगाह शहर नहीं था, बल्कि एशिया का ऐसा सांस्कृतिक हब था जिसे उस…
“Crows and Sparrows (乌鸦与麻雀)” 1949 की एक चीनी फ़िल्म है, जिसे निर्देशक झेंग जुनली (Zheng Junli) ने बनाया और यह…
साइलेंट सिनेमा की बात हो और चार्ली चैपलिन व बस्टर कीटन का नाम न आए, ऐसा लगभग नामुमकिन है। चैपलिन…
दोस्ती की कहानियों पर दुनिया इसलिए फिदा है क्योंकि इंसान की सबसे गहरी जरूरत “किसी का अपना होना” है –…
हैलो दोस्तों! आज हम एक ऐसी फिल्म की बात करने वाले हैं, जिसने सदी के मध्य में बैठे दर्शकों की…
जापानी सिनेमा की बात हो और केनजी मिज़ोगुची, यासुजिरो ओज़ू, अकीरा कुरोसावा जैसे दिग्गज निर्देशकों का नाम न आए, ऐसा…