कम बजट, बड़ा जुगाड़: साइलेंट फिल्ममेकर कैसे बनाते थे जादुई दृश्य
साइलेंट फिल्मों का युग (1890s-1920s) विजुअल इफेक्ट्स का स्वर्णिम काल था, लेकिन एक ऐसा काल जिसे इतिहास ने अक्सर ‘आदिम’…
Movie Reviews – Connect to Life
साइलेंट फिल्मों का युग (1890s-1920s) विजुअल इफेक्ट्स का स्वर्णिम काल था, लेकिन एक ऐसा काल जिसे इतिहास ने अक्सर ‘आदिम’…
ज़्यादातर फिल्म रिव्यू इस सवाल से शुरू होते हैं कि “फिल्म कैसी लगी?”—लेकिन Yang Naiwu and Xiao Baicai (1930) के केस में…
Basanta Bilap एक 1973 की भारतीय बंगाली भाषा की रोमांटिक कॉमेडी फिल्म है, जिसका निर्देशन Dinen Gupta ने किया था।…
एक पुराने, धूल भरे स्टोररूम की कल्पना कीजिए। हवा में प्रोजेक्टर के बल्ब की गंध और पुराने सेल्युलॉइड की महक।…
आज से करीब बीस-पच्चीस साल पहले की बात है। मुंबई के एक पुराने फिल्म आर्काइव में गहरी धूल दिख रही…
आपने कभी गौर किया है कि कुछ चेहरे सिनेमा के पर्दे पर आते ही दर्शकों के चेहरे पर एक मुस्कान,…
क्लासिक भारतीय फिल्मों पर वर्षों से रिसर्च‑बेस्ड रिव्यू लिखते हुए “Raj Nartaki (1940)” हमेशा उन टाइटल्स में गिना गया है,…
क्लासिक वर्ल्ड सिनेमा पर कई सालों से लिखते हुए हमेशा यह महसूस हुआ है कि कुछ फिल्में “स्टोरी” से ज़्यादा…
1920 का दशक हॉलीवुड के लिए वह समय था जब सिनेमा ने वाकई “ड्रीम फैक्ट्री” का रूप लेना शुरू किया…
1930 के दशक में शंघाई सिर्फ़ एक बंदरगाह शहर नहीं था, बल्कि एशिया का ऐसा सांस्कृतिक हब था जिसे उस…