दादा साहब फाल्के की ‘राजा हरिश्चंद्र’ (1913): भारत की पहली फ़ीचर फ़िल्म बनाने का वह रोमांचक संघर्ष

साल 1911 था। मुंबई के एक सिनेमाघर में अँधेरा छाया हुआ था। पर्दे पर एक विदेशी फिल्म चल रही थी – ‘दी लाइफ ऑफ क्राइस्ट’। […]

साइलेंट सिनेमा और लोकेशन का अनोखा रिश्ता: पर्दे के पीछे की कहानी

1920 के दशक की एक सर्द शाम, मुंबई के चांदनी चौक में एक भीड़ जमा है। बीच सड़क पर एक विशाल सफेद कैनवास लटका हुआ […]