1930 का दशक भारतीय सिनेमा के इतिहास में एक उल्लेखनीय दशक था। यह वह समय था जब बॉलीवुड अभी भी अपने शुरुआती वर्षों में था, […]
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चाइना सीज़ (1935) : रोमांच और ख़तरे की एक क्लासिक कहानी
चाइना सीज़ 1935 की एक एडवेंचर फ़िल्म है जो हमें समुद्री लुटेरों, तूफ़ानों और विश्वासघात का सामना करने वाले एक बहादुर दल के साथ समुद्र […]
Exploring the Magic of ‘Nights in Andalusia’ (1938)
“नाइट्स इन एंडालुसिया” 1938 की एक स्पेनिश फिल्म है जो हमें एंडालुसिया के आकर्षक क्षेत्र में ले जाती है, जो अपनी समृद्ध संस्कृति, जीवंत संगीत […]
पुरानी फ़िल्में सभी की पसंदीदा क्यों होती हैं ?
पुरानी फ़िल्में, जिन्हें अक्सर “क्लासिक” कहा जाता है, हमारे दिलों में एक ख़ास जगह रखती हैं। भले ही वे कई साल पहले बनी हों, लेकिन […]
द डांसिंग गर्ल ऑफ़ इज़ू (1933): ए टेल ऑफ़ लव एंड फेट
1933 में रिलीज़ हुई “द डांसिंग गर्ल ऑफ़ इज़ू” हीनोसुके गोशो द्वारा निर्देशित एक क्लासिक जापानी फ़िल्म है। यह फ़िल्म अपनी दिल को छू लेने […]
गाते हुए पर्दे: जब सिनेमा में आई आवाज
क्या आप जानते हैं कि एक समय था जब सिनेमा में कोई आवाज नहीं होती थी? लोग सिर्फ मूक फिल्में देखते थे, जहाँ सिर्फ चित्र […]
1934 का “ब्लैक कैट”: सफेद दीवारों पर काले राज़
1934 में रिलीज़ हुई “द ब्लैक कैट” हॉलीवुड की एक क्लासिक हॉरर फिल्म है। यह फिल्म अपने समय की सबसे प्रभावशाली और भयानक फिल्मों में […]
आवाज़ खामोश, सुरों का जादू: साइलेंट फिल्मों का संगीत
साइलेंट फिल्मों का संगीत एक ऐसा अद्भुत और अविस्मरणीय पहलू है, जिसने सिनेमा को एक नई दिशा दी है। यह वो दौर था जब आवाज़ […]
पर्दे पर राज करने वाली वनिश्री: दक्षिण सिनेमा का सुनहरा दौर
तेलुगु, तमिल और कन्नड़ सिनेमा पर अपनी अमिट छाप छोड़ने वाली मशहूर भारतीय अभिनेत्री वाणीश्री ने 40 वर्षों के अपने करियर में कई बेहतरीन फिल्मों […]
क्या बीते सालों का साया है ये? 1930 की ब्रिटिश फिल्म “आफ्टर मेनी इयर्स” की समीक्षा
“आफ्टर मेनी इयर्स” (After Many Years) 1930 की एक ब्रिटिश फिल्म है, जो अपने समय की कुछ महत्वपूर्ण फिल्मों में से एक मानी जाती है। […]