क्या किसी औरत का बदला सिर्फ उसके जीवन तक सीमित होता है, या वह मौत के बाद भी जारी रह सकता है? क्या एक कंकाल […]
Category: Bengali
सत्यजीत रे और उनका विश्व सिनेमा पर प्रभाव: ‘अपु ट्रिलॉजी’ का वैश्विक नजरिया
वह पहली बार जब अपु ने मेरे दिल को छुआ 2015 कि बात ही, मैं एक छोटे शहर कि लाइब्रेरी में बैठा क्लासिक फिल्मों कि […]
“बसंत बिलाप 1973”: Soumitra Chatterjee–Aparna Sen की Evergreen रोमांटिक कॉमेडी
Basanta Bilap एक 1973 की भारतीय बंगाली भाषा की रोमांटिक कॉमेडी फिल्म है, जिसका निर्देशन Dinen Gupta ने किया था। यह फिल्म Bimal Kar की […]
कलकत्ता 71 (1972): जब सिनेमा ने दिखाया समाज का आईना
1971 का साल, जब पूर्वी पाकिस्तान में बांग्लादेश की मुक्ति संग्राम की आग भड़क चुकी थी, और पश्चिम बंगाल की सड़कों पर नक्सलवादी आंदोलन का […]
समाज का आईना: ‘देवी’ फिल्म समीक्षा
देवी” 1960 में रिलीज़ हुई एक क्लासिक बंगाली फ़िल्म है। महान सत्यजीत रे द्वारा निर्देशित, इस फ़िल्म का बंगाली सिनेमा प्रेमियों के दिल में एक […]
सतरंगी परदे पर समांतराल: एक अनसुलझी पहेली
1970 में रिलीज़ हुई बंगाली फिल्म ‘समांतराल’ एक अद्वितीय सिनेमाई कृति है, जो अपने गहन कथानक, उत्कृष्ट अभिनय और संवेदनशील संदेश के लिए जानी जाती […]
इंद्राणी ইন্দ্রাণী: एक बंगाली नारी की कहानी
इंद्राणी ইন্দ্রাণী 1958 की बंगाली रोमांटिक ड्रामा फिल्म है, जो नीरेन लाहिड़ी द्वारा निर्देशित और उत्तम कुमार और सुचित्रा सेन द्वारा अभिनीत है। यह फिल्म […]
कुहक: उत्तम कुमार और साबित्री चटर्जी द्वारा अभिनीत एक उत्कृष्ट कृति
कुहक 1960 की बंगाली रोमांस ड्रामा फिल्म है, जो अग्रदूत द्वारा निर्देशित है और इसमें उत्तम कुमार और साबित्री चटर्जी मुख्य भूमिका में हैं। फिल्म […]
मेज दीदी: सिस्टरहुड की एक हार्दिक कहानी
मेज दीदी 1950 की बंगाली फिल्म है, जो सब्यसाची द्वारा निर्देशित और कानन देवी द्वारा निर्मित है। यह फिल्म शरत चंद्र चट्टोपाध्याय के उपन्यास पर […]
प्रमथेश चंद्र बरुआ: सिनेमा के राजकुमार
प्रमथेश चंद्र बरुआ, जिन्हें पी.सी. के नाम से भी जाना जाता है। बरुआ, स्वतंत्रता-पूर्व युग में भारतीय फिल्मों के एक प्रसिद्ध अभिनेता, निर्देशक और पटकथा […]