आज का दौर है डॉल्बी एटमॉस साउंड का। अभिनेता की हर साँस, फुसफुसाहट, तलवार की हर झनकार हमारे कानों तक सीधे पहुँचती है। लेकिन एक […]
Category: Films
सुरैया: वह सुपरस्टार जिसके पीछे दीवानी थी दुनिया, पर अपनी ही ज़िंदगी में अकेली रह गईं
बॉम्बे के एक श्मशान घाट में असामान्य सन्नाटा पसरा हुआ था। जनवरी की ठंडी हवा में सैकड़ों लोग खड़े थे, लेकिन किसी की आँखें सूखी […]
दादा साहब फाल्के की ‘राजा हरिश्चंद्र’ (1913): भारत की पहली फ़ीचर फ़िल्म बनाने का वह रोमांचक संघर्ष
साल 1911 था। मुंबई के एक सिनेमाघर में अँधेरा छाया हुआ था। पर्दे पर एक विदेशी फिल्म चल रही थी – ‘दी लाइफ ऑफ क्राइस्ट’। […]
ब्लैक एंड व्हाइट युग के 5 बेहतरीन विलेन: जब खलनायकों का खौफ़ ही फ़िल्म की जान होता था
आज के दौर में जब स्पेशल इफेक्ट्स की बमबारी और स्टाइलिश एंटी-हीरोज़ का बोलबाला है, मेरा दिल अक्सर उस जमाने को तरस जाता है जब […]
सत्यजीत रे और उनका विश्व सिनेमा पर प्रभाव: ‘अपु ट्रिलॉजी’ का वैश्विक नजरिया
वह पहली बार जब अपु ने मेरे दिल को छुआ 2015 कि बात ही, मैं एक छोटे शहर कि लाइब्रेरी में बैठा क्लासिक फिल्मों कि […]
मूक फिल्मों का जादू: 1920 के दशक की 5 कालजयी फिल्में जिन्हें आपको देखना चाहिए
वह समय जब फिल्में बोलती नहीं, दिलों में उतर जाती थीं कई साल से मैं क्लासिक सिनेमा पर लिख रहा हूँ, और हर बार जब […]
Aquanauts 1980: सोवियत साइंस-फिक्शन फिल्म रिव्यू
कई वर्षों से अधिक समय से, मेरा जुनून— एक ही मिशन के साथ: उन फिल्मों को उजागर और प्रासंगिक बनाना जिन्हें समय भूल गया है। […]
“वूमन ऑफ फायर 1971”: एक ऐसी ज्वाला जिसने कोरियाई सिनेमा की दिशा बदल दी
कोरियन सिनेमा की बात करते ही ज़्यादातर लोगों के दिमाग में “पैरासाइट”, “ओल्डबॉय” या हाल की नेटफ्लिक्स सीरीज़ का नाम आता है, लेकिन 1970 के […]
“बसंत बिलाप 1973”: Soumitra Chatterjee–Aparna Sen की Evergreen रोमांटिक कॉमेडी
Basanta Bilap एक 1973 की भारतीय बंगाली भाषा की रोमांटिक कॉमेडी फिल्म है, जिसका निर्देशन Dinen Gupta ने किया था। यह फिल्म Bimal Kar की […]
रस्सी, धुआं और आईने: साइलेंट फिल्मों के स्पेशल इफेक्ट्स के सीक्रेट जुगाड़
आज से करीब बीस-पच्चीस साल पहले की बात है। मुंबई के एक पुराने फिल्म आर्काइव में गहरी धूल दिख रही थी। कागजों के ढेर, खस्ता […]