सोचिए वो ज़माना… जब फिल्मों में न तो हीरो की आवाज़ गूँजती थी, न हीरोइन के डायलॉग सुनाई देते थे, न विलेन की खलनायकी भरी […]
Category: International Films
क्या साइलेंट फिल्मों में औरतें थीं? सिनेमा की भूली-बिसरी ‘फर्स्ट लेडीज़’ की कहानी
ये सवाल अक्सर दिमाग में आता है: “क्या साइलेंट फिल्मों के दौर में भी महिला अभिनेत्रियां या फिल्म निर्माता थीं?” या फिर ये मान लिया […]
चार्ली चैपलिन की 2 फिल्में जिन्होंने समाज को दिया गहरा संदेश: हंसी के पीछे छिपा सच
क्या आपने कभी सोचा है कि एक चुप्पी, टूटी-फूटी टोपी पहने और बंदर जैसी चाल चलने वाला आदमी दुनिया का सबसे बड़ा कलाकार कैसे बन […]
द रोड टू सम्पो: वो बर्फीली सड़क जहाँ तीन टूटे दिल ढूँढते हैं खोया हुआ सपना
साल 1975, दक्षिण कोरिया पर सैन्य शासन की लोहे की मुट्ठी कसी हुई है। हवा में डर का सन्नाटा, आँखों में भविष्य की अनिश्चितता। ऐसे […]
बैंड वैगन (1940): वो ब्रिटिश कॉमेडी जिसने युद्ध के बीच में बिखेरी थी हँसी की चिंगारी
1940 का साल। यूरोप में द्वितीय विश्वयुद्ध की आग धधक रही थी, और ब्रिटेन के आसमान पर जर्मन बमवर्षकों के छाये होने के बावजूद, सिनेमाघरों […]
Five Golden Flowers (1959): चीन की वो फिल्म जिसमें खिले थे प्यार और समाजवाद के रंग
साल 1959 की बात है। चीन में ‘ग्रेट लीप फॉरवर्ड’ का दौर चल रहा था—जहाँ एक तरफ़ लोहे के कारख़ाने धुआँ उगल रहे थे, वहीं […]
मैडम फ्रीडम (1956): आधुनिकता, इच्छा और सामाजिक परिवर्तन की एक टाइमलेस खोज
हान ह्युंग-मो द्वारा निर्देशित मैडम फ्रीडम (1956) दक्षिण कोरिया की सबसे प्रतिष्ठित और प्रभावशाली फिल्मों में से एक है। जियोंग बि-सोक के धारावाहिक उपन्यास से […]
Stray Dog: एक गुमशुदा बंदूक की खोज
“स्ट्रे डॉग” (野良犬, Nora inu), 1949 की एक जापानी फ़िल्म है, जिसका निर्देशन दुनिया के सबसे मशहूर फ़िल्म निर्माताओं में से एक अकीरा कुरोसावा ने […]
चाइना सीज़ (1935) : रोमांच और ख़तरे की एक क्लासिक कहानी
चाइना सीज़ 1935 की एक एडवेंचर फ़िल्म है जो हमें समुद्री लुटेरों, तूफ़ानों और विश्वासघात का सामना करने वाले एक बहादुर दल के साथ समुद्र […]
Exploring the Magic of ‘Nights in Andalusia’ (1938)
“नाइट्स इन एंडालुसिया” 1938 की एक स्पेनिश फिल्म है जो हमें एंडालुसिया के आकर्षक क्षेत्र में ले जाती है, जो अपनी समृद्ध संस्कृति, जीवंत संगीत […]