बचपन के अटारी में चमकती एक पुरानी मूवी: इचबॉड और मिस्टर टोड का जादू

याद है वो पुरानी, धूल भरी अटारी? जहाँ दादी का ट्रंक खुलता था तो किताबों की खुशबू और पुराने खिलौनों का रहस्य निकलता था? वॉल्ट […]

द वुल्फ मैन (1941): वह रात जब चांदनी ने एक दिल को भेड़िये में बदल दिया

क्लासिक हॉरर मूवीवो रात… वो चाँद… वो दहशत! 1941 में रिलीज़ हुई ‘द वुल्फ मैन’ सिर्फ एक मॉन्स्टर मूवी नहीं थी। यह एक दिल को […]

आर्सेनिक एंड ओल्ड लेस (1944): डार्क ह्यूमर का मास्टरपीस जो आज भी ज़हर का मज़ा देता है!

कल्पना कीजिए एक ऐसी दुनिया की, जहां सबसे मीठी मुस्कान वाली, चाय-बिस्कुट परोसने वाली, प्यारी बुजुर्ग चाचियाँ… एक सनसनीखे़ज़ राज़ छिपाए बैठी हों। वो राज़? […]

इकीरू (1952): कागजों के पहाड़ में दफन एक आदमी, और जीने की वजह ढूंढने की कोशिश

सोचिए, एक दिन डॉक्टर आपको बता दे कि आपको गैस्ट्रिक कैंसर है, और बस कुछ ही महीने बाकी हैं। अब सवाल ये: अगले छह महीने […]

Late Spring: ओज़ू की वो फिल्म जो दिल के किसी कोने में घर कर जाती है

कल्पना कीजिए एक ऐसी फिल्म जिसमें कोई भीषण एक्शन नहीं, कोई जोरदार ड्रामा नहीं, कोई भावुक भाषण नहीं। बस जीवन है। रोज़मर्रा की साधारण सी […]

सनमाओ: तीन बालों वाला अनाथ – एक ऐसी फिल्म जो दिल को छू जाती है और इतिहास को चीर देती है

कल्पना कीजिए। धुंध से ढकी सर्द शंघाई की सुबह। सड़क के किनारे, फुटपाथ की ठंडक पर, एक छोटा सा बच्चा। उसके सिर पर सिर्फ तीन […]

Bride of Frankenstein (1935): सिर्फ एक मॉन्स्टर मूवी नहीं, एक मास्टरपीस है ये फिल्म!

कल्पना कीजिए: बिजली कड़कती है, एक पागल वैज्ञानिक अपनी प्रयोगशाला में कुछ बना रहा है, और फिर… वो पल आता है। एक सफेद पट्टियों में […]

स्नो व्हाइट एंड द सेव्हन ड्वॉर्फ्स (1937): वो जादुई फिल्म जिसने दुनिया बदल दी

कल्पना कीजिए… साल 1937 है। सिनेमाघरों में लोग बैठे हैं। स्क्रीन पर रंग नहीं, सिर्फ़ काले-सफेद छायाचित्र। तभी शुरू होती है एक कहानी – एक […]

अपूर्व संगमा (1984): राजकुमार का वो जादुई संगम जो आज भी क्यों याद किया जाता है?

क्या आपको वो पुरानी कन्नड़ फिल्में याद हैं? जहां कहानी की गहराई होती थी, संगीत दिल को छू जाता था, और अभिनय सिर्फ डायलॉग बोलना […]

द रोड टू सम्पो: वो बर्फीली सड़क जहाँ तीन टूटे दिल ढूँढते हैं खोया हुआ सपना

साल 1975, दक्षिण कोरिया पर सैन्य शासन की लोहे की मुट्ठी कसी हुई है। हवा में डर का सन्नाटा, आँखों में भविष्य की अनिश्चितता। ऐसे […]