10 बेस्ट टॉलीवुड फिल्में: वो सिनेमा जिन्हें देखकर आपका दिल कहेगा ‘धन्यवाद टॉलीवुड

तेलुगु सिनेमा, यानी टॉलीवुड, सिर्फ “मसाला” और बड़े-बड़े सेट्स का नाम नहीं है। यह एक ऐसी दुनिया है जहाँ दिल को छू लेने वाली कहानियाँ, […]

इकीरू (1952): कागजों के पहाड़ में दफन एक आदमी, और जीने की वजह ढूंढने की कोशिश

सोचिए, एक दिन डॉक्टर आपको बता दे कि आपको गैस्ट्रिक कैंसर है, और बस कुछ ही महीने बाकी हैं। अब सवाल ये: अगले छह महीने […]

ब्रिटेन का साइलेंट सिनेमा: वो दौर जब तस्वीरें बोलती थीं

1920 का दशक, लंदन के एक छोटे से थियेटर में अँधेरा छा गया। स्क्रीन पर सफेद-काले रंगों में एक नाव समुद्र की लहरों से टकरा […]

पुराने जमाने की फिल्मों से सीखें जिंदगी के 5 अनमोल पाठ

क्या आपको कभी लगता है कि आजकल की भागदौड़ भरी ज़िंदगी में कुछ खो सा गया है? वो सादगी, वो इंसानियत, वो दिल से जुड़ाव? […]

स्पेशल इफेक्ट्स के शुरुआती प्रयोग: जब जादू बनता था हाथों से, पिक्सल्स नहीं!

आज जब हम ‘अवतार’ में नीले नावी जाति को पंडोरा के जंगलों में उड़ते देखते हैं, या ‘जंगल बुक’ में मोगली को जानवरों से बात […]

क्लासिक स्टार्स की आखिरी फिल्में: वो अंतिम चित्र जहाँ रुक गया समय

सिनेमा हॉल का अँधेरा, पर्दे पर चेहरा, वो आवाज़, वो अदाएँ, कुछ पल के लिए हम भूल जाते हैं कि ये हमारे और हमारे बीच […]

जब तक फिल्म चुप थी, लोग दूर थे…जब बोली, सबके दिल से जुड़ गई!

सिनेमा हॉल का अँधेरा। चलचित्रों की रुपहली रोशनी। पर्दे पर चेहरे भाव बदल रहे हैं – हँस रहे हैं, रो रहे हैं, गुस्सा कर रहे […]

Late Spring: ओज़ू की वो फिल्म जो दिल के किसी कोने में घर कर जाती है

कल्पना कीजिए एक ऐसी फिल्म जिसमें कोई भीषण एक्शन नहीं, कोई जोरदार ड्रामा नहीं, कोई भावुक भाषण नहीं। बस जीवन है। रोज़मर्रा की साधारण सी […]

इन गानों को ना भूल पाये हम – ना भूल पायेगी Bollywood!

आंखें मूंदो। कान खोलो। क्या सुनाई देता है? शायद दूर से आती कोई सीटी… या फिर रेडियो पर बजता कोई पुराना सा सुर… और अचानक, […]

क्लासिक जोड़ी: ऑनस्क्रीन रोमांस और ऑफस्क्रीन हकीकत

हम सबने देखा है वो पल। सिनेमा हॉल की अँधेरी कोख में, टीवी स्क्रीन की रोशनी में, या फिर मोबाइल की छोटी सी दुनिया में। […]